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एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें, हर नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे: वारिस पठान

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एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें, हर नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहे: वारिस पठान

सारांश

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने मुंबई में एसआईआर प्रक्रिया में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि वे खुद परिवार सहित फॉर्म भर चुके हैं। साथ ही आमिर खान विवाद पर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की प्रवृत्ति की आलोचना की और भोजशाला फैसले पर टिप्पणी से परहेज़ किया।

मुख्य बातें

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 जुलाई 2026 को मुंबई में एसआईआर प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की।
पठान ने कहा कि वे स्वयं और अपने पूरे परिवार के साथ एसआईआर फॉर्म भर चुके हैं।
प्रक्रिया के लिए केवल फोटो , आधार कार्ड और वोटर आईडी की आवश्यकता; बीएलओ घर पर आकर सहायता करते हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की पूर्व शिकायतों का उल्लेख किया।
आमिर खान की कथित तीसरी शादी के विवाद पर कहा — शादियाँ स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई हैं, 'जिहाद' शब्द के दुरुपयोग की आलोचना की।
भोजशाला पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर पूरा फैसला पढ़े बिना टिप्पणी से इनकार किया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान ने 15 जुलाई 2026 को मुंबई में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव बताते हुए सभी नागरिकों से इसमें तत्काल भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने पूरे परिवार के साथ यह फॉर्म भर चुके हैं और किसी भी नागरिक का मतदान का अधिकार नहीं छिनना चाहिए।

एसआईआर प्रक्रिया क्या है और कैसे करें

पठान ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह सरल है। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर फॉर्म भरने में सहायता करते हैं। नागरिकों को केवल फोटो, आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे बुनियादी दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं। बीएलओ दस्तावेज मौके पर ही एकत्र कर लेते हैं, जिससे नागरिकों को कहीं जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

समय पर भागीदारी क्यों ज़रूरी है

पठान ने चेताया कि जो नागरिक समय रहते एसआईआर में भाग नहीं लेते, उन्हें भविष्य में ट्रिब्यूनल और विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल और बिहार में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देश में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर बहस तेज़ है।

आमिर खान विवाद पर प्रतिक्रिया

कुछ हिंदू संगठनों द्वारा अभिनेता आमिर खान की कथित तीसरी शादी पर लगाए गए आरोपों पर पठान ने कहा कि वे आमिर खान के प्रवक्ता नहीं हैं, लेकिन जब किसी अभिनेता के बहाने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जाता है तो प्रतिक्रिया देना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि आमिर खान ने अपनी सभी शादियाँ स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की हैं और यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। पठान ने यह भी कहा कि 'लव जिहाद', 'वोट जिहाद' और 'थूक जिहाद' जैसे शब्दों का बार-बार इस्तेमाल कर मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, जबकि ऐसे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।

भोजशाला और अन्य मुद्दों पर रुख

मध्य प्रदेश के भोजशाला विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के हालिया आदेश के बारे में पूछे जाने पर पठान ने कहा कि उन्होंने अभी तक अदालत का पूरा फैसला नहीं पढ़ा है और जब तक वे उसके कानूनी आधार को पूरी तरह नहीं समझ लेते, तब तक कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं विनोद तावड़े और देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि यह पाटिल का व्यक्तिगत निर्णय है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं।

आगे क्या

पठान की यह अपील ऐसे समय आई है जब चुनाव आयोग (ECI) देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति दे रहा है। नागरिकों से आग्रह है कि वे अपने बीएलओ से संपर्क कर समय सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि मताधिकार सुनिश्चित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक राजनीतिक संदेश भी है — अल्पसंख्यक मतदाताओं को सूची में बनाए रखना। पश्चिम बंगाल और बिहार में नाम हटाए जाने की शिकायतों का संदर्भ देना यह संकेत देता है कि AIMIM मतदाता सूची को एक चुनावी मुद्दे के रूप में तैयार कर रही है। आमिर खान विवाद पर उनकी प्रतिक्रिया समुदाय-रक्षक की भूमिका को रेखांकित करती है, जो पार्टी की पारंपरिक रणनीति से मेल खाती है। असली सवाल यह है कि क्या एसआईआर में भागीदारी की यह अपील ज़मीनी स्तर पर वास्तविक मतदाता जागरूकता में बदलती है, या केवल एक बयानबाज़ी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला वह अभियान है जिसमें मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों से फोटो, आधार कार्ड और वोटर आईडी के आधार पर फॉर्म भरवाते हैं।
वारिस पठान ने एसआईआर में भाग लेने की अपील क्यों की?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि समय पर एसआईआर न कराने पर नागरिकों का नाम मतदाता सूची से हट सकता है, जिससे उनका मताधिकार छिन जाएगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार में पूर्व में नाम हटाए जाने की शिकायतों का हवाला दिया।
एसआईआर फॉर्म भरने के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
एसआईआर फॉर्म के लिए नागरिकों को फोटो, आधार कार्ड और वोटर आईडी की आवश्यकता होती है। बीएलओ घर पर आकर फॉर्म भरने में सहायता करते हैं और दस्तावेज़ मौके पर ही एकत्र कर लेते हैं।
आमिर खान की कथित तीसरी शादी पर वारिस पठान का क्या कहना है?
पठान ने कहा कि आमिर खान ने अपनी सभी शादियाँ स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की हैं और यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी अभिनेता के बहाने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जाता है और 'लव जिहाद' जैसे शब्दों का बेबुनियाद इस्तेमाल किया जाता है।
भोजशाला विवाद पर वारिस पठान ने टिप्पणी से क्यों परहेज़ किया?
पठान ने कहा कि उन्होंने अभी तक सर्वोच्च न्यायालय का पूरा आदेश नहीं पढ़ा है। उनके अनुसार, फैसले का पूरा कानूनी आधार समझे बिना कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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