16 जुलाई 2026
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12वीं ब्रिक्स श्रम मंत्री बैठक: भारत ने डिजिटल रोजगार मॉडल और 1 अरब+ सामाजिक सुरक्षा कवरेज का प्रदर्शन किया

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12वीं ब्रिक्स श्रम मंत्री बैठक: भारत ने डिजिटल रोजगार मॉडल और 1 अरब+ सामाजिक सुरक्षा कवरेज का प्रदर्शन किया

सारांश

हैदराबाद में 12वीं ब्रिक्स श्रम बैठक में भारत ने महज भागीदार नहीं, बल्कि डिजिटल श्रम प्रशासन का मॉडल देश बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ई-श्रम, NCS और 1 अरब+ सामाजिक सुरक्षा कवरेज के साथ भारत ने वैश्विक दक्षिण को एक नया रोडमैप दिया।

मुख्य बातें

12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक 15 जुलाई 2026 को हैदराबाद में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित हुई।
मनसुख मंडाविया ने ई-श्रम और NCS डिजिटल प्लेटफॉर्म को ब्रिक्स देशों के सामने प्रमुखता से प्रस्तुत किया।
भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2026 तक 1 अरब से अधिक नागरिकों तक पहुँची; 2025 में ISSA पुरस्कार प्राप्त हुआ।
यूएई, रूस, इंडोनेशिया, ईरान, ब्राजील और चीन के साथ द्विपक्षीय बैठकों में श्रम गतिशीलता, डिजिटल सहयोग और SSA की संभावनाओं पर सहमति बनी।
सभी सदस्य देशों ने 'ब्रिक्स कनेक्ट' पहल को आगे बढ़ाने और श्रम-रोजगार सहयोग पर घोषणापत्र सर्वसम्मति से अपनाया।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने 15 जुलाई 2026 को हैदराबाद में आयोजित 12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (2026) के तहत आयोजित इस बैठक में सदस्य देशों ने भविष्य के श्रम बाजार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा पर व्यापक विचार-विमर्श किया। भारत ने यह भी रेखांकित किया कि 2026 तक देश की सामाजिक सुरक्षा कवरेज 1 अरब से अधिक लोगों तक पहुँच चुकी है।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

डॉ. मंडाविया ने सदस्य देशों के समक्ष 'ई-श्रम' और 'नेशनल करियर सर्विस (NCS)' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों की भूमिका विस्तार से रखी। उन्होंने कहा कि ये प्लेटफॉर्म सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाने, रोजगार सेवाओं को सुलभ करने और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी सदस्य देशों से इन क्षेत्रों में अनुभव साझा करने और तकनीकी सहयोग को गहरा करने का आग्रह किया।

द्विपक्षीय बैठकें और प्रमुख सहमतियाँ

यूएई के मानव संसाधन एवं अमीरातीकरण मंत्री डॉ. अब्दुल रहमान अल अव्हार के साथ बैठक में श्रम गतिशीलता, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और व्यावसायिक वर्गीकरण प्रणाली के विकास पर चर्चा हुई। भारत ने यूएई को भारत-ILO द्वारा तैयार किए जा रहे 'इंटरनेशनल रेफरेंस क्लासिफिकेशन ऑफ ऑक्यूपेशन्स' की व्यवहार्यता अध्ययन में सहभागी बनने का निमंत्रण दिया।

रूस के श्रम एवं सामाजिक सुरक्षा मंत्री एंटोन कोत्याकोव के साथ हुई वार्ता में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास में सहयोग पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने डिजिटल समाधानों के आदान-प्रदान और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा समझौते (SSA) की संभावनाओं पर भी विचार किया।

इंडोनेशिया के श्रम मंत्री यासियरली तथा ईरान के सहकारी, श्रम एवं सामाजिक कल्याण मंत्री डॉ. अहमद मेइदारी के साथ बैठकों में डिजिटल रोजगार सेवाओं, कार्यबल विकास और तकनीक-आधारित श्रम प्रशासन को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

आईएसएसए पुरस्कार और सामाजिक सुरक्षा की उपलब्धि

इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन (ISSA) के महासचिव डॉ. मोहम्मद अजमन के साथ बैठक में सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को प्रभावी बनाने और वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। डॉ. मंडाविया ने उल्लेख किया कि भारत को 2025 में सामाजिक सुरक्षा कवरेज विस्तार के लिए ISSA पुरस्कार प्राप्त हुआ था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज 1 अरब से अधिक नागरिकों तक पहुँच चुकी है।

राज्य मंत्री की द्विपक्षीय बैठकें

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने ब्राजील और चीन के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में कौशल विकास, डिजिटल रोजगार सेवाएँ, श्रम बाजार सूचना प्रणाली, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा सहयोग पर सहमति बनी।

आगे की राह

बैठक के समापन पर सभी सदस्य देशों ने 'ब्रिक्स कनेक्ट' पहल को आगे बढ़ाने, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और भविष्य के लिए तैयार समावेशी श्रम बाजार विकसित करने के संकल्प को दोहराया। श्रम एवं रोजगार क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाला घोषणापत्र सर्वसम्मति से अपनाया गया। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर AI और स्वचालन के कारण श्रम बाजारों पर दबाव बढ़ रहा है और ब्रिक्स देश मिलकर इसका समाधान खोजने की कोशिश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पंजीकरण और वास्तविक लाभ-वितरण के बीच की खाई अभी भी चिंता का विषय है — 1 अरब कवरेज का दावा तब तक अधूरा है जब तक पोर्टेबिलिटी और भुगतान की गुणवत्ता सत्यापित न हो। ब्रिक्स मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका कूटनीतिक दृष्टि से सराहनीय है, परंतु रूस और चीन जैसे देशों के साथ श्रम समझौतों में भारतीय प्रवासी कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा का ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। 'ब्रिक्स कनेक्ट' जैसी पहलें तब तक कागजी संकल्प बनी रहती हैं जब तक द्विपक्षीय SSA को बाध्यकारी समयसीमा नहीं मिलती।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वीं ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 15 जुलाई 2026 को हैदराबाद में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (2026) के तहत आयोजित हुई। इसमें सदस्य देशों ने भविष्य के श्रम बाजार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की।
भारत ने ब्रिक्स बैठक में कौन-से डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किए?
भारत ने 'ई-श्रम' और 'नेशनल करियर सर्विस (NCS)' प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किए, जो सामाजिक सुरक्षा कवरेज विस्तार, रोजगार सेवाओं की सुलभता और अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता में सहायक हैं। डॉ. मंडाविया ने सदस्य देशों को इन क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज कितनी है और ISSA पुरस्कार क्यों मिला?
2026 तक भारत की सामाजिक सुरक्षा कवरेज 1 अरब से अधिक नागरिकों तक पहुँच चुकी है। इस उपलब्धि के लिए भारत को 2025 में इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन (ISSA) का पुरस्कार प्राप्त हुआ।
भारत और यूएई के बीच ब्रिक्स बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनी?
भारत और यूएई ने श्रम गतिशीलता, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और व्यावसायिक वर्गीकरण प्रणाली पर चर्चा की। भारत ने यूएई को भारत-ILO द्वारा तैयार 'इंटरनेशनल रेफरेंस क्लासिफिकेशन ऑफ ऑक्यूपेशन्स' के व्यवहार्यता अध्ययन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
'ब्रिक्स कनेक्ट' पहल क्या है और इसका क्या निर्णय हुआ?
'ब्रिक्स कनेक्ट' ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और समावेशी श्रम बाजार विकास की पहल है। 15 जुलाई 2026 की बैठक में सभी सदस्य देशों ने इसे आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया और श्रम-रोजगार सहयोग पर एक घोषणापत्र सर्वसम्मति से अपनाया।
राष्ट्र प्रेस
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