क्या असम में एसआईआर में गड़बड़ियां हो रही हैं? रफीकुल इस्लाम का दावा
सारांश
Key Takeaways
- रफीकुल इस्लाम ने असम में एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं।
- लाखों लोगों को फर्जी शिकायतों के आधार पर हटाया गया है।
- चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की गई है।
गुवाहाटी, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। एआईयूडीएफ के नेता रफीकुल इस्लाम ने आरोप लगाया है कि असम में एसआईआर प्रक्रिया में कई गंभीर गड़बड़ियां हो रही हैं।
गुवाहाटी में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि हमने असम में एसआईआर के अंतर्गत चल रहे कार्यों पर ध्यान आकर्षित किया है। विशेष संशोधन प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां पाई गई हैं। लाखों लोगों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उनसे जबरदस्ती फॉर्म-7 भरवाने के बाद उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। अब तक 26 लाख लोगों के नाम इस प्रक्रिया के तहत हटा दिए गए हैं। सबसे चिंताजनक यह है कि जो लोग शिकायत कर रहे हैं, वे वास्तविक नहीं हैं। हम असम के चुनाव अधिकारियों से मांग करते हैं कि जो भी भारतीय नागरिक हैं, उनके नाम मतदाता सूची से न हटाए जाएं और जो फर्जी शिकायतें कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यही हमारी मुख्य मांग है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने समय-समय पर राज्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की और ज्ञापन भी सौंपे हैं। हमने जिला अधिकारियों से भी बात की है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह समस्या पूरे असम में व्याप्त है। कई स्थानों से रिपोर्ट आ रही हैं कि बूथ-लेवल अधिकारी पर जिला निर्वाचन अधिकारी, इंचार्ज एडीसी या ईआरओ द्वारा दबाव डाला जा रहा है कि वे अपने बूथ से 150-200 लोगों के नाम हटा दें। उनसे कहा जा रहा है कि नाम हटाने पर फॉर्म-7 भरने के बाद नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। लाखों लोगों को इस तरह टारगेट करके वोट काटना पूरी तरह से गलत है। फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। यह स्पष्ट है कि भाजपा चुनाव से पहले डर गई है। इसलिए एसआईआर के माध्यम से हर विधानसभा में 10-20 हजार वोट काटने और उसके बदले में फर्जी मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
रफीकुल इस्लाम ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो हम अदालत का भी सहारा लेंगे। हम बार-बार चुनाव आयोग से मांग कर रहे हैं कि जो धांधली हो रही है, उस पर रोक लगाई जाए। वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न हटाए जाएं। लोगों को जो जबरन नोटिस दिए जा रहे हैं, उस पर भी ध्यान दिया जाए।