एस. जानकी को शिवानी नारायणन की दिल से श्रद्धांजलि, गाए 'साउथ की नाइटिंगेल' के मशहूर गाने
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री शिवानी नारायणन ने दिग्गज प्लेबैक सिंगर एस. जानकी के निधन पर एक भावुक श्रद्धांजलि दी है — उनके ही मशहूर गानों को गाकर। 15 जुलाई को शिवानी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे जानकी अम्मा के प्रसिद्ध गाने गाती नज़र आईं। एस. जानकी, जिन्होंने 48,000 से अधिक गाने गाए और चार राष्ट्रीय पुरस्कार जीते, का 11 जुलाई को मैसूर के अपोलो बीजीएस हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था। वे 88 वर्ष की थीं।
दिल से की गई कोशिश
शिवानी नारायणन ने वीडियो के साथ लिखा, 'कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं, बस 'साउथ की नाइटिंगेल' के लिए दिल से सम्मान है।' उन्होंने स्वीकार किया कि वे पेशेवर रूप से प्रशिक्षित गायिका नहीं हैं, लेकिन जानकी अम्मा की जादुई आवाज़ के प्रति उनका प्रेम उन्हें यह कोशिश करने से नहीं रोक सका।
शिवानी ने कहा कि जानकी अम्मा की दिव्य आवाज़ सुनते हुए वे बड़ी हुईं और इसी से उन्होंने संगीत को महसूस करना सीखा। उन्होंने यह भी कहा कि जानकी अम्मा के गानों का उतार-चढ़ाव इतना सटीक होता था कि उन्हें गाना बेहद कठिन है, फिर भी प्रेम और सम्मान के चलते वे खुद को रोक नहीं पाईं।
अपूरणीय क्षति का एहसास
अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'एक सुनहरी आवाज़ खामोश हो गई है, लेकिन उनकी धुनें हमेशा गूंजती रहेंगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस महान सिंगर के जाने से जो कमी आई है, उसे पूरा करना संभव नहीं है, लेकिन उनका संगीत सदा सुकून देता रहेगा।
एस. जानकी का निधन: अस्पताल का बयान
अपोलो बीजीएस हॉस्पिटल, मैसूर की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, एस. जानकी को 11 जुलाई को दोपहर 12:49 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें तत्काल इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में स्थानांतरित किया गया।
अस्पताल ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की कड़ी निगरानी और उपचार के बावजूद, इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। एडवांस्ड कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन तत्काल शुरू किया गया, परंतु बार-बार कार्डियक अरेस्ट के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। 11 जुलाई को शाम 7:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
एस. जानकी की विरासत
एस. जानकी को 'साउथ की नाइटिंगेल' के नाम से जाना जाता था। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने गाए। चार राष्ट्रीय पुरस्कारों की विजेता इस महान गायिका की आवाज़ ने दशकों तक भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया।
उनके जाने के बाद फ़िल्म और संगीत जगत से श्रद्धांजलियों का तांता लगा हुआ है, और शिवानी नारायणन की यह भावुक पेशकश उसी कड़ी का हिस्सा है।