1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

CAA, NRC, UCC तब याद आते हैं जब बुनियादी जरूरतें पूरी करने में नाकाम हो जाती है सरकार: सपा विधायक कमाल अख्तर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
CAA, NRC, UCC तब याद आते हैं जब बुनियादी जरूरतें पूरी करने में नाकाम हो जाती है सरकार: सपा विधायक कमाल अख्तर

सारांश

सपा विधायक कमाल अख्तर ने लखनऊ में लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह के मंच से BJP को घेरा — CAA, NRC और UCC को 'विफलताओं की आड़' बताया। RSS नेता सुनील आंबेकर के NRC बयान के बाद यह हमला और धारदार हो गया।

मुख्य बातें

सपा विधायक कमाल अख्तर ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में BJP पर निशाना साधा।
अख्तर ने आरोप लगाया कि सरकार रोज़गार, किसान एमएसपी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी न कर पाने पर CAA, NRC और UCC जैसे मुद्दों को आगे करती है।
उन्होंने मौजूदा हालात को 'अघोषित आपातकाल' बताया और कहा कि पुलिस-प्रशासन से विपक्ष को दबाया जा रहा है।
RSS नेता सुनील आंबेकर द्वारा NRC फिर लागू करने की बात के बाद अख्तर का यह बयान राजनीतिक रूप से और भी प्रासंगिक हो गया।
PDA में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के सवाल पर अख्तर ने कहा कि सपा को किसी से प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं, पार्टी ने हमेशा सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक कमाल अख्तर ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह के अवसर पर मौजूदा केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकारें रोज़गार, स्वास्थ्य और किसानों की बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में विफल होती हैं, तभी नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे मुद्दों को आगे किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसा माहौल बन चुका है।

लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह

सपा द्वारा उत्तर प्रदेश में आयोजित इस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कमाल अख्तर ने कहा कि जिन लोगों ने तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष किया, जेलें काटीं और अपने परिवारों से दूर रहे, उनका सम्मान करना आज और भी प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा, 'यह सम्मान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन लोगों ने लोकतंत्र को बचाने के लिए बड़ा संघर्ष किया है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई राज्यों में सत्ता में होने के बावजूद, लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने का काम केवल उत्तर प्रदेश में सपा के स्तर पर हो रहा है।

अघोषित आपातकाल का आरोप

मौजूदा राजनीतिक हालात की तुलना 1975 के आपातकाल से करते हुए सपा विधायक ने कहा, 'उस समय इमरजेंसी खुलेआम लगी थी, आज इमरजेंसी अघोषित है।' उनके अनुसार, विपक्षी नेताओं पर पुलिस और प्रशासन के ज़रिए दबाव बनाया जा रहा है और उनके साथ अन्याय हो रहा है। गौरतलब है कि विपक्षी दल समय-समय पर इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं, जिन्हें सत्तापक्ष सिरे से नकारता आया है।

सपा के संघर्ष की विरासत

अख्तर ने कहा कि चाहे मुलायम सिंह यादव रहे हों, जनेश्वर मिश्र रहे हों या अखिलेश यादव — सपा नेताओं ने हर दौर में तानाशाही के विरुद्ध आवाज़ उठाई है। उन्होंने युवा पीढ़ी से इन सेनानियों के संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि आज उत्तर प्रदेश में 'अघोषित इमरजेंसी' हटाकर सपा की सरकार बनाना समय की माँग है।

BJP पर बुनियादी विफलताओं का आरोप

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता सुनील आंबेकर द्वारा NRC फिर से लागू करने की बात कहे जाने का संदर्भ देते हुए अख्तर ने BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज जरूरत लोगों को रोजगार की है, अच्छे इलाज की है। किसानों को एमएसपी की, उनकी फसल की सही कीमत की, खाद की, अच्छी सड़क की और बाढ़ से बचाव की जरूरत है। जब भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकारों में ये सब देने में नाकाम होती है, तो उसे CAA याद आता है, NRC याद आता है, UCC याद आता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब RSS नेतृत्व ने NRC के मुद्दे को फिर से चर्चा में लाया है।

PDA में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर स्पष्टीकरण

पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (PDA) गठबंधन में मुस्लिम प्रतिनिधित्व के सवाल पर अख्तर ने कहा कि सपा को किसी से प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को विधानसभा, विधान परिषद, राज्यसभा और लोकसभा — सभी जगह प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि टिकट वितरण जैसे निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व पर छोड़े जाने चाहिए और वही सर्वोपरि हैं। आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बयान का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या केवल BJP-विरोध ही उसकी पहचान बनी रहेगी। लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को चुनावी संदेश में बदलने की यह कोशिश स्पष्ट रूप से आगामी UP चुनाव की तैयारी का हिस्सा दिखती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा विधायक कमाल अख्तर ने CAA, NRC और UCC पर क्या कहा?
कमाल अख्तर ने कहा कि जब BJP सरकारें रोज़गार, किसान एमएसपी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में नाकाम होती हैं, तब उन्हें CAA, NRC और UCC जैसे मुद्दे याद आते हैं। उनके अनुसार ये मुद्दे विफलताओं से ध्यान भटकाने का साधन हैं।
लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह क्यों आयोजित किया गया?
समाजवादी पार्टी ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में उन लोगों के सम्मान में यह समारोह आयोजित किया जिन्होंने आपातकाल के दौरान तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष किया था। सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
कमाल अख्तर ने 'अघोषित आपातकाल' का आरोप क्यों लगाया?
अख्तर ने कहा कि 1975 की तरह आज आपातकाल खुलेआम नहीं, बल्कि अघोषित रूप से लागू है। उनका आरोप था कि पुलिस और प्रशासन के ज़रिए विपक्षी नेताओं को दबाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
RSS के सुनील आंबेकर के NRC बयान का इस विवाद से क्या संबंध है?
RSS नेता सुनील आंबेकर ने NRC फिर से लागू करने की बात कही, जिसके बाद सपा विधायक ने BJP पर सीधा हमला बोला। अख्तर ने इसे सरकारी विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
PDA गठबंधन में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सपा का क्या रुख है?
कमाल अख्तर ने स्पष्ट किया कि सपा को इस विषय पर किसी से प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को विधानसभा से लेकर संसद तक हर स्तर पर प्रतिनिधित्व दिया है और टिकट वितरण का निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व का है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले