यूसीसी पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान: भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में लागू होगी समान नागरिक संहिता
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 16 सितंबर को आजमगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) उन सभी राज्यों में लागू की जाएगी जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन राज्यों में अभी एनडीए की सरकार नहीं है, वहाँ सत्ता में आने के बाद यूसीसी लागू की जाएगी।
यूसीसी पर भाजपा का रुख
मौर्य ने कहा कि यूसीसी भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मुद्दा है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस विषय पर जो बयान दिया है, वह पूरी तरह सही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय से ही पार्टी के एजेंडे का हिस्सा रहा है।
गौरतलब है कि अमित शाह के यूसीसी संबंधी बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी आपत्ति जताई थी। इस पृष्ठभूमि में मौर्य का यह बयान भाजपा की स्पष्ट नीतिगत पुनरावृत्ति के रूप में देखा जा रहा है।
अखिलेश यादव पर पलटवार
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के यूसीसी पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को यह नहीं पता कि यूसीसी कितने लंबे समय से भाजपा का मूल मुद्दा रहा है। उन्होंने कहा, 'भारतीय जनसंघ की स्थापना और भाजपा के अस्तित्व में आने के समय से ही ये हमारे मुद्दे रहे हैं।'
कानून-व्यवस्था पर अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार करते हुए मौर्य ने कहा कि जो सरकार 'गुंडाराज, जंगलराज, अपराधियों को बचाने, माफिया को बढ़ावा देने और भर्ती माफिया को संरक्षण देने' के लिए जानी जाती थी, वही अब ऐसे सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे सवालों पर हँसेगी।
2027 चुनाव पर भरोसा
मौर्य ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा आजमगढ़ में 'छक्का मारती है' तो पार्टी को 300 सीटें पार करने और तीसरी बार सरकार बनाने से कोई नहीं रोक पाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक पकड़ को और मज़बूत करने में जुटी है।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर अपील
मौर्य ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर लोगों से शाम 7 बजे घरों में 'आशीर्वाद का दीया' प्रज्वलित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसेवा की 25 वर्षों की यात्रा में मोदी का योगदान सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा रहा है।
आने वाले दिनों में यूसीसी को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब एनडीए शासित राज्य इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी करेंगे।