सारांश जैन को श्रीलंका टेस्ट सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल: आकाश चोपड़ा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने स्पष्ट किया है कि बाएं हाथ के स्पिनर सारांश जैन के लिए 13 अगस्त से शुरू होने वाली भारत-श्रीलंका दो मैचों की टेस्ट सीरीज में प्लेइंग इलेवन में जगह पाना बेहद कठिन होगा। सारांश को इस सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है, लेकिन चोपड़ा के अनुसार मौजूदा स्पिन विकल्पों की भीड़ उनकी राह में बड़ी रुकावट है।
आकाश चोपड़ा का विश्लेषण
आकाश चोपड़ा ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो में विस्तार से बताया कि सारांश को पहले टेस्ट में क्यों मौका मिलना मुश्किल दिखता है। उन्होंने कहा, "मुझे अभी भी लग रहा है कि सारांश को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिलेगा। श्रीलंका की टीम का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन मुझे लगता है कि जब टीम का ऐलान होगा भी तब भी उसमें शायद एक ही बाएं हाथ का बल्लेबाज होगा। भारत के पास चार स्पिनर मौजूद हैं।"
स्पिन विभाग में कड़ी प्रतिस्पर्धा
चोपड़ा ने भारतीय स्पिन आक्रमण की गहराई को सारांश की सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा, "मानव सुथार पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। वहीं, रवींद्र जडेजा वापसी कर रहे हैं और उन्हें वैसे ही एक ही फॉर्मेट में पूरी तरह से खेलने का मौका मिलता है। फिर आपके पास कुलदीप यादव भी हैं। सामने वाली टीम में दाएं हाथ के ज्यादा बल्लेबाज होंगे और इसे देखते हुए सारांश को मेरे हिसाब से मौका नहीं मिलेगा।" गौरतलब है कि श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम में दाएं हाथ के बल्लेबाजों का वर्चस्व होने पर बाएं हाथ के स्पिनर की प्राथमिकता स्वाभाविक रूप से घट जाती है।
वाशिंगटन सुंदर की अनुपस्थिति और सारांश का चयन
चोपड़ा ने यह भी स्पष्ट किया कि वाशिंगटन सुंदर की फिटनेस ने परोक्ष रूप से सारांश जैन के लिए दरवाजा खोला। उनके अनुसार, अगर सुंदर पूरी तरह फिट होते, तो सारांश के लिए टीम में जगह बनाना और भी मुश्किल होता। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को टेस्ट चयन से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
घरेलू क्रिकेट और अवसर का सवाल
चोपड़ा ने अभिमन्यु ईश्वरन का उदाहरण देते हुए एक व्यापक प्रश्न उठाया — कि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित अवसर नहीं मिल पाता। उनके अनुसार, सारांश जैन के लिए इस सीरीज में सबसे सकारात्मक पहलू यही है कि उनका राष्ट्रीय टीम में चयन हुआ — जो अपने आप में एक उपलब्धि है।
भारत-श्रीलंका टेस्ट रिकॉर्ड
ऐतिहासिक रूप से भारत का श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट रिकॉर्ड शानदार रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से भारत ने 22 में जीत दर्ज की है, जबकि श्रीलंका को केवल कुछ मैचों में सफलता मिली है। इस सीरीज में भारत एक बार फिर प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम प्रबंधन अपने स्पिन संयोजन को लेकर क्या फैसला करता है।