सारांश जैन को टेस्ट टीम में पहली बार जगह, 33 साल के एमपी ऑलराउंडर का श्रीलंका सीरीज के लिए चयन
सारांश
मुख्य बातें
सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में पहली बार शामिल किया गया है। 33 वर्षीय यह ऑलराउंडर मध्यप्रदेश की घरेलू क्रिकेट में एक स्थापित नाम हैं, जो बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करते हैं। घरेलू क्रिकेट में वर्षों की मेहनत के बाद यह चयन उनके करियर का सबसे बड़ा पड़ाव है।
कौन हैं सारांश जैन
सारांश जैन का जन्म 31 मार्च 1993 को इंदौर में हुआ था। उन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में 2014 में मध्यप्रदेश के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद 2017 में उन्होंने लिस्ट ए और टी20 फॉर्मेट में भी मध्यप्रदेश की ओर से डेब्यू किया। तब से वह टीम के नियमित और भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं।
घरेलू करियर के आँकड़े
जैन का घरेलू रिकॉर्ड उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। 54 प्रथम श्रेणी मैचों की 85 पारियों में उन्होंने 2 शतक और 14 अर्धशतक सहित 2,223 रन बनाए हैं और 188 विकेट अपने नाम किए हैं। 47 लिस्ट ए मैचों में 553 रन और 38 विकेट, तथा 20 टी20 मैचों में 18 विकेट लेकर उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की है।
रणजी ट्रॉफी में चमक
जैन उस ऐतिहासिक मध्यप्रदेश टीम के सदस्य थे जिसने 2021-22 में मुंबई को हराकर रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। हाल ही में 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने 7 मैचों में 30 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी की धार का प्रदर्शन किया, जो उनके चयन का प्रमुख कारण बना।
टीम इंडिया को क्यों थी जरूरत
भारतीय टीम प्रबंधन टेस्ट फॉर्मेट में एक ऐसे ऑलराउंडर की तलाश में था जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी — दोनों विभागों में टीम को संतुलन दे सके। जैन का लंबा प्रथम श्रेणी अनुभव और हालिया रणजी प्रदर्शन उन्हें इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प के रूप में उभारता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में एक विश्वसनीय स्पिन ऑलराउंडर की माँग लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
आगे क्या
अब देखना होगा कि श्रीलंका दौरे पर जैन को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है या नहीं। यदि वह खेलते हैं, तो 33 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करना उन्हें भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल कर देगा जिन्होंने धैर्य और निरंतरता से अंतरराष्ट्रीय मंच हासिल किया।