सारांश जैन का पहला भारतीय कॉल-अप: '70-80% खिलाड़ियों के साथ पहले खेल चुका हूं, घुलने-मिलने में वक्त नहीं लगा'
सारांश
मुख्य बातें
ऑलराउंडर सारांश जैन को श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया है। 15 अगस्त से गाले में शुरू होने वाली इस सीरीज के लिए 33 वर्षीय इस मध्यप्रदेश के ऑलराउंडर ने एक दशक से अधिक के धैर्य और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।
चयन की खबर: मंदिर से मैदान तक का सफर
जैन ने बताया कि जब उन्हें अपने भारतीय टीम में चयन की जानकारी मिली, तब वे एक मंदिर की ओर जा रहे थे। बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा, 'जब मुझे कॉल आया, तो मैं एक मंदिर में था। मैं गाड़ी चला रहा था। मैंने बीच में एक कॉल और मैसेज देखा। इसके बाद मुझे पता चला कि मेरा भारतीय टीम में चयन हो गया है।' यह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं था।
टीम में घुलने-मिलने में कोई परेशानी नहीं
घरेलू क्रिकेट में एक दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले जैन ने कहा कि इंडिया स्क्वॉड में शामिल होने के बाद उन्हें अजनबीपन महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'रणजी ट्रॉफी का एक माहौल होता है। जब मैं तीन दिन पहले टीम में शामिल हुआ, तो मुझे ज्यादा फर्क महसूस नहीं हुआ। मैंने 70-80 प्रतिशत खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेला है। इसलिए मुझे लगता है कि मैं उन सभी के साथ घुल-मिल गया हूं।' यह घरेलू क्रिकेट के उस व्यापक नेटवर्क का प्रमाण है जो राष्ट्रीय टीम की नींव बनाता है।
सब्र का पाठ: 2014 से 2025 तक का लंबा इंतजार
जैन ने 2014-15 सीजन में मध्यप्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में आपको सब्र रखना होता है। अगर आप इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो आपको सब्र रखना होगा। मैंने अपना करियर शुरू करने के बाद से ही सब्र रखा है। यह एक लंबा सफर रहा है। इसमें बहुत मेहनत और त्याग करना पड़ा है। एक दिन, मैं जरूर इंडिया के लिए खेलूंगा — मुझे यही लग रहा था।' उनके पिता भी रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी रहे हैं और परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। जैन ने कहा, 'मेरे पिताजी ने कहा है कि सब्र रखो, चीजें अपने आप आपके पास आ जाएंगी।'
घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड
बाएं हाथ से बल्लेबाजी और दाएं हाथ से ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने वाले जैन भारत ए टीम के नियमित सदस्य रहे हैं। वे 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 2,223 रन और 188 विकेट का संयुक्त रिकॉर्ड रखते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। 2025-26 सीजन में उन्होंने 518 रन बनाए और 30 विकेट लिए। दिलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन के लिए दो मैचों में 16 विकेट लेने के साथ-साथ दो अर्धशतक भी लगाए।
आगे क्या
सारांश जैन 15 अगस्त से गाले में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में डेब्यू कर सकते हैं। उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों दोनों की नजरें टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि एक दशक से अधिक के घरेलू अनुभव को वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस तरह भुनाते हैं।