कुलदीप यादव श्रीलंका टेस्ट सीरीज की प्लेइंग इलेवन में होने चाहिए: दीप दासगुप्ता
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दीप दासगुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कुलदीप यादव को श्रीलंका के खिलाफ आगामी 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत की प्लेइंग इलेवन में अनिवार्य रूप से जगह मिलनी चाहिए। दासगुप्ता के अनुसार, यह कलाई का स्पिनर श्रीलंकाई परिस्थितियों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है।
दासगुप्ता का विश्लेषण
दीप दासगुप्ता ने शनिवार को अपने यूट्यूब चैनल पर टीम चयन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हालात के हिसाब से यह एक अच्छी टीम है। तेज गेंदबाज कम हैं और स्पिनर ज्यादा हैं। मुझे लगता है कि एक मौका हो सकता है जहां आप चार स्पिनरों के साथ खेल सकते हैं। श्रीलंका में टेस्ट मैचों में पहले भी ऐसा हुआ है।'
उन्होंने आगे कहा कि टीम में अतिरिक्त स्पिनर का होना जरूरी था और यह उम्मीद के मुताबिक था। दासगुप्ता ने यह भी स्वीकार किया कि वाशिंगटन सुंदर इस दौरे के पहले पसंदीदा स्पिनर रहते, लेकिन चोट के कारण वह टीम में जगह नहीं बना सके।
कुलदीप की प्लेइंग इलेवन में दावेदारी
दासगुप्ता ने भारत की प्लेइंग इलेवन पर कहा कि निश्चित रूप से तीन स्पिनर खेल सकते हैं और कुलदीप यादव का टीम में होना अनिवार्य है। गौरतलब है कि कुलदीप फिलहाल इंग्लैंड में वनडे कप में यॉर्कशायर की तरफ से खेल रहे हैं।
कुलदीप का टेस्ट रिकॉर्ड
कुलदीप यादव ने 2017 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। तब से अब तक वह भारत के लिए केवल 18 टेस्ट मैच ही खेल पाए हैं। इन 18 टेस्ट में उन्होंने 79 विकेट लिए हैं, जिसमें 5 बार एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा शामिल है — यह उनकी गुणवत्ता का प्रमाण है।
यह ऐसे समय में आया है जब बीती इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में कुलदीप को एक भी मैच में मौका न देने पर भारतीय टीम प्रबंधन की कड़ी आलोचना हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि श्रीलंका का स्पिन-अनुकूल माहौल कुलदीप के लिए अपनी काबिलियत साबित करने का सुनहरा अवसर है।
श्रीलंकाई परिस्थितियाँ और स्पिन का महत्व
श्रीलंका की पिचें ऐतिहासिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल रही हैं। भारत ने पहले भी यहाँ 4 स्पिनरों के साथ खेला है, और दासगुप्ता का मानना है कि इस बार भी यही रणनीति कारगर हो सकती है। कुलदीप यादव की कलाई-स्पिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए अतिरिक्त चुनौती पेश कर सकती है।
आगे क्या
भारतीय टीम प्रबंधन अंतिम प्लेइंग इलेवन पर फैसला मैच से पहले करेगा। दासगुप्ता जैसे अनुभवी विशेषज्ञों की राय के बाद अब सभी की नजरें इस पर होंगी कि क्या कुलदीप यादव को पहले टेस्ट में अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है।