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निर्मला सीतारमण का फ्रांस दौरा शुरू: भारत-फ्रांस आर्थिक संवाद और ITER परियोजना पर रहेगा फोकस

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निर्मला सीतारमण का फ्रांस दौरा शुरू: भारत-फ्रांस आर्थिक संवाद और ITER परियोजना पर रहेगा फोकस

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फ्रांस दौरा महज शिष्टाचार यात्रा नहीं — यह भारत की वैश्विक निवेश कूटनीति का हिस्सा है। ऐक्स-एन-प्रोवेंस में EFD बैठक, ITER दौरा और CEO राउंडटेबल मिलकर भारत-फ्रांस साझेदारी को ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के नए आयाम देने की कोशिश करते हैं।

मुख्य बातें

निर्मला सीतारमण ने 1 जुलाई 2026 को फ्रांस के आधिकारिक दौरे की शुरुआत की।
ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (EFD) की सह-अध्यक्षता फ्रांसीसी मंत्री रोलैंड लेस्क्योर के साथ होगी।
वैश्विक कंपनियों के CEO से द्विपक्षीय बैठकें और उद्योगपतियों के साथ गोलमेज चर्चा निर्धारित।
ITER परमाणु संलयन परियोजना का दौरा — जिसमें 30 से अधिक देश साझेदार हैं।
कैम्पस साइबर यात्रा में साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार सहयोग पर चर्चा होगी।
PACA क्षेत्र के अध्यक्ष रेनॉड मुसेलियर से स्वच्छ ऊर्जा और क्षेत्रीय साझेदारी पर बैठक।

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को फ्रांस के आधिकारिक दौरे की शुरुआत की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देना, द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को गहरा करना और निवेश, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्रों में ठोस प्रगति सुनिश्चित करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक निवेशकों को अपनी संरचनात्मक सुधार यात्रा से परिचित कराने की सक्रिय कोशिश कर रहा है।

भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद

दौरे का केंद्रबिंदु ऐक्स-एन-प्रोवेंस में आयोजित होने वाला भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (EFD) है। इस उच्चस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, औद्योगिक ऊर्जा एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर करेंगे। इस संवाद में दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों की पहचान करेंगे और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाने पर विचार-विमर्श करेंगे।

वैश्विक सीईओ और उद्योगपतियों से मुलाकात

फ्रांस प्रवास के दौरान वित्त मंत्री कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। इसके साथ ही वह शीर्ष उद्योगपतियों के साथ एक गोलमेज चर्चा (राउंडटेबल) में भी हिस्सा लेंगी, जिसमें भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, संरचनात्मक सुधार, बढ़ते निवेश अवसर और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रतिष्ठित आर्थिक मंच पर पैनल चर्चा

निर्मला सीतारमण यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक आर्थिक मंचों में से एक — लेस रेनकॉन्ट्रेंस इकोनॉमिक्स डी'ऐक्स-एन-प्रोवेंस — में एक विशेष पैनल चर्चा में भाग लेंगी। इस चर्चा का विषय है: 'नई मध्यम वर्गीय आबादी के विकास को कैसे बढ़ावा दिया जाए।' यह सम्मेलन ले सर्कल डेस इकोनॉमिस्ट्स द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री, केंद्रीय बैंक प्रमुख, उद्योगपति, अर्थशास्त्री और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हैं।

ITER और साइबर सुरक्षा केंद्र का दौरा

वित्त मंत्री कैडाराचे स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा करेंगी — यह दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है, जिसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देश साझेदार हैं। इसके अतिरिक्त वह कैम्पस साइबर का भी दौरा करेंगी, जिसे फ्रांस का राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास केंद्र माना जाता है। इस यात्रा में साइबर सुरक्षा सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर चर्चा होने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय नेतृत्व से मुलाकात और आगे की राह

वित्त मंत्री प्रोवेंस-आल्प्स-कोटे डी'अजूर (PACA) क्षेत्र के अध्यक्ष रेनॉड मुसेलियर से भी मुलाकात करेंगी। इस बैठक में निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर विचार होगा। गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच पहले से ही एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है, और यह दौरा उसे निवेश और प्रौद्योगिकी के धरातल पर और ठोस बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि परमाणु संलयन ऊर्जा अभी व्यावसायिक उपयोग से दशकों दूर है। असली कसौटी यह होगी कि इस दौरे से निकलने वाले सहयोग समझौते कितने बाध्यकारी और मापनीय हैं।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मला सीतारमण का फ्रांस दौरा किस उद्देश्य से हो रहा है?
यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग गहरा करने और निवेश, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार के क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने के लिए हो रहा है। इसमें EFD बैठक, CEO राउंडटेबल, ITER दौरा और साइबर सुरक्षा केंद्र की यात्रा शामिल है।
भारत-फ्रांस आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (EFD) क्या है?
EFD भारत और फ्रांस के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय आर्थिक संवाद मंच है। इस बार इसकी सह-अध्यक्षता निर्मला सीतारमण और फ्रांसीसी मंत्री रोलैंड लेस्क्योर करेंगे, और यह ऐक्स-एन-प्रोवेंस में आयोजित होगा।
ITER परियोजना क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
ITER (इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर) फ्रांस के कैडाराचे में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु संलयन ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है। इसमें भारत और फ्रांस सहित 30 से अधिक देश साझेदार हैं।
इस दौरे में वैश्विक निवेशकों के सामने क्या प्रस्तुत किया जाएगा?
CEO बैठकों और राउंडटेबल में भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, सरकार के संरचनात्मक सुधार, बढ़ते निवेश अवसर और दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं प्रस्तुत की जाएंगी।
कैम्पस साइबर दौरे का क्या महत्व है?
कैम्पस साइबर फ्रांस का राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास केंद्र है। इस यात्रा में भारत-फ्रांस के बीच साइबर सुरक्षा सहयोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था में नवाचार और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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