वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में ITER प्रोजेक्ट का दौरा किया, भारतीय वैज्ञानिकों और L&T जैसी कंपनियों की सराहना की
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई को फ्रांस के दौरे के दौरान वहाँ बसे भारतीय समुदाय को संबोधित किया और उन्हें भारत की सॉफ्ट पावर, वैश्विक प्रतिष्ठा और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने वाली एक सशक्त कड़ी बताया। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांस के कैडाराचे में स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा कर वहाँ कार्यरत भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से भेंट की।
मार्सिले में प्रवासी भारतीयों को संबोधन
सीतारमण ने मार्सिले में एक सभा में मुख्य भाषण दिया, जहाँ उन्होंने फ्रांस में रहने वाले भारतीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित किया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, संबोधन के बाद उन्होंने समुदाय के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को 'भारत का जीवंत राजदूत' बताते हुए कहा कि वे देश की छवि को विश्व पटल पर मज़बूत करते हैं।
ITER परियोजना और भारत का योगदान
ITER दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोगिक टोकामक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाने की महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए स्थायी और असीमित स्वच्छ ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करना है। वित्त मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया कि इस परियोजना में भारत सहित सात प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं और कई अन्य देशों के साथ सहयोग समझौते भी किए गए हैं।
सीतारमण ने एलेन बेकौलेट और कट्टालाई रामचंद्रन श्रीराम द्वारा प्रस्तुत ITER में भारत के योगदान पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन देखी। गाइडेड विजिट के दौरान उन्हें क्लीनिंग हॉल, असेंबली हॉल और टोकामक पिट का अवलोकन कराया गया।
भारतीय उद्योग जगत की सराहना
वित्त मंत्री ने लार्सन एंड टूब्रो (L&T), इनोक्स इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS), टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) और HCL टेक्नोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित भारतीय औद्योगिक समूहों की विशेष सराहना की, जो पिछले दो दशकों से इस परियोजना में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों और उनके वैज्ञानिकों व इंजीनियरों का समर्पण भारत की तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।
भारत-फ्रांस आर्थिक वार्ता
इस दौरे के दौरान सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता (EFD) की सहअध्यक्षता की। दोनों देशों के बीच ज़रूरी खनिजों, आर्थिक संप्रभुता, सुरक्षा नीति और वित्तीय उद्योग के परस्पर संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी।
आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और फ्रांस के रणनीतिक संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। ITER जैसी परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी न केवल देश की तकनीकी साख को बढ़ाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक प्रयासों में भारत की निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित करती है।