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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में ITER प्रोजेक्ट का दौरा किया, भारतीय वैज्ञानिकों और L&T जैसी कंपनियों की सराहना की

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में ITER प्रोजेक्ट का दौरा किया, भारतीय वैज्ञानिकों और L&T जैसी कंपनियों की सराहना की

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फ्रांस दौरा महज़ एक राजनयिक यात्रा नहीं था — यह भारत की तकनीकी शक्ति और वैश्विक ऊर्जा भविष्य में उसकी हिस्सेदारी का प्रदर्शन था। ITER जैसी परियोजना में L&T, TCS और HCL जैसी कंपनियों के दो दशकों के योगदान ने साबित किया कि भारत का असली सॉफ्ट पावर उसके इंजीनियर और वैज्ञानिक हैं।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई को फ्रांस के मार्सिले में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया।
उन्होंने कैडाराचे स्थित ITER — दुनिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर प्रोजेक्ट — का दौरा किया।
ITER में भारत सहित 7 प्रमुख देश भागीदार हैं; L&T, TCS, TCE, इनोक्स इंडिया, HCL टेक्नोलॉजी पिछले दो दशकों से योगदान दे रही हैं।
ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता (EFD) की सहअध्यक्षता फ्रांसीसी मंत्री रोलैंड लेस्क्योर के साथ की गई।
दोनों देशों ने ज़रूरी खनिजों , आर्थिक संप्रभुता और वित्तीय उद्योग सहयोग पर चर्चा की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई को फ्रांस के दौरे के दौरान वहाँ बसे भारतीय समुदाय को संबोधित किया और उन्हें भारत की सॉफ्ट पावर, वैश्विक प्रतिष्ठा और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने वाली एक सशक्त कड़ी बताया। इसके साथ ही उन्होंने फ्रांस के कैडाराचे में स्थित इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER) परियोजना का दौरा कर वहाँ कार्यरत भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से भेंट की।

मार्सिले में प्रवासी भारतीयों को संबोधन

सीतारमण ने मार्सिले में एक सभा में मुख्य भाषण दिया, जहाँ उन्होंने फ्रांस में रहने वाले भारतीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित किया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, संबोधन के बाद उन्होंने समुदाय के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत भी की। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को 'भारत का जीवंत राजदूत' बताते हुए कहा कि वे देश की छवि को विश्व पटल पर मज़बूत करते हैं।

ITER परियोजना और भारत का योगदान

ITER दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोगिक टोकामक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाने की महत्वाकांक्षी अंतरराष्ट्रीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य भविष्य के लिए स्थायी और असीमित स्वच्छ ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करना है। वित्त मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया कि इस परियोजना में भारत सहित सात प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं और कई अन्य देशों के साथ सहयोग समझौते भी किए गए हैं।

सीतारमण ने एलेन बेकौलेट और कट्टालाई रामचंद्रन श्रीराम द्वारा प्रस्तुत ITER में भारत के योगदान पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन देखी। गाइडेड विजिट के दौरान उन्हें क्लीनिंग हॉल, असेंबली हॉल और टोकामक पिट का अवलोकन कराया गया।

भारतीय उद्योग जगत की सराहना

वित्त मंत्री ने लार्सन एंड टूब्रो (L&T), इनोक्स इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS), टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) और HCL टेक्नोलॉजी जैसे प्रतिष्ठित भारतीय औद्योगिक समूहों की विशेष सराहना की, जो पिछले दो दशकों से इस परियोजना में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों और उनके वैज्ञानिकों व इंजीनियरों का समर्पण भारत की तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।

भारत-फ्रांस आर्थिक वार्ता

इस दौरे के दौरान सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने ऐक्स-एन-प्रोवेंस में भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता (EFD) की सहअध्यक्षता की। दोनों देशों के बीच ज़रूरी खनिजों, आर्थिक संप्रभुता, सुरक्षा नीति और वित्तीय उद्योग के परस्पर संबंधों को और गहरा करने पर सहमति बनी।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और फ्रांस के रणनीतिक संबंध नई ऊँचाइयाँ छू रहे हैं। ITER जैसी परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी न केवल देश की तकनीकी साख को बढ़ाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक प्रयासों में भारत की निर्णायक भूमिका को भी रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक विज्ञान के बुनियादी ढाँचे का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। गौरतलब है कि L&T और TCS जैसी कंपनियाँ दो दशकों से ITER में योगदान दे रही हैं, फिर भी यह सहयोग घरेलू स्तर पर उतना चर्चित नहीं हुआ जितना होना चाहिए था। EFD वार्ता में ज़रूरी खनिजों पर जोर यह दर्शाता है कि भारत-फ्रांस संबंध अब रक्षा और अंतरिक्ष से आगे बढ़कर ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की रणनीतिक धुरी पर केंद्रित हो रहे हैं।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ITER परियोजना क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
ITER (इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर) फ्रांस के कैडाराचे में निर्माणाधीन दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोगिक टोकामक न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर है। इसमें भारत सहित 7 प्रमुख देश भागीदार हैं और L&T, TCS, HCL टेक्नोलॉजी जैसी भारतीय कंपनियाँ पिछले दो दशकों से इस परियोजना में योगदान दे रही हैं।
निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में किन कंपनियों की सराहना की?
वित्त मंत्री सीतारमण ने लार्सन एंड टूब्रो (L&T), इनोक्स इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS), टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) और HCL टेक्नोलॉजी की सराहना की। ये कंपनियाँ ITER परियोजना में पिछले दो दशकों से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
भारत-फ्रांस आर्थिक और वित्तीय वार्ता (EFD) में क्या हुआ?
ऐक्स-एन-प्रोवेंस में आयोजित EFD में सीतारमण और फ्रांसीसी मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने सहअध्यक्षता की। दोनों देशों ने ज़रूरी खनिजों, आर्थिक संप्रभुता, सुरक्षा नीति और वित्तीय उद्योग सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की।
सीतारमण ने फ्रांस में प्रवासी भारतीयों को क्या संदेश दिया?
मार्सिले में आयोजित सभा में सीतारमण ने प्रवासी भारतीयों को भारत की सॉफ्ट पावर और वैश्विक प्रतिष्ठा को मज़बूत करने वाली 'सशक्त कड़ी' बताया। उन्होंने समुदाय के सदस्यों से व्यक्तिगत बातचीत भी की।
ITER परियोजना का महत्व क्या है?
ITER का उद्देश्य न्यूक्लियर फ्यूजन के ज़रिए स्थायी और असीमित स्वच्छ ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त करना है, जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को खत्म कर सकती है। यह दुनिया के सबसे बड़े बहुपक्षीय वैज्ञानिक सहयोगों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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