असम बाढ़: 'ऑपरेशन जल राहत' में सेना ने 1,000 से अधिक लोगों को बचाया, 19 टन अनाज वितरित
सारांश
मुख्य बातें
असम में विनाशकारी बाढ़ के बीच भारतीय सेना का 'ऑपरेशन जल राहत' 29 जुलाई को भी पूरी गति से जारी रहा। सेना के जवानों ने अब तक 1,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकाला है और 200 से अधिक लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की है। यह अभियान गुवाहाटी समेत असम के कई बाढ़ प्रभावित जिलों में एक साथ चलाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय सेना ने बुधवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया कि स्पीयर कोर के जवान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), नागरिक प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए राहत कार्य में जुटे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को बहाल करने का काम भी जारी है।
उल्लेखनीय है कि दुर्गम और दूर-दराज के क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने के लिए सेना ने लॉजिस्टिक ड्रोन का अभिनव उपयोग किया है — जो इस तरह के आपदा अभियान में एक नई पहल है।
राहत सामग्री का वितरण
सेना के अनुसार, अब तक 19 टन अनाज, 30,500 से अधिक फूड पैकेट और 43,000 लीटर से अधिक पेयजल प्रभावित लोगों तक पहुँचाया जा चुका है। राहत सामग्री में ताज़ी सब्ज़ियाँ, दूध, कपड़े, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक वस्तुएँ भी शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब असम में बाढ़ की स्थिति ने लाखों लोगों के सामान्य जीवन को बाधित कर दिया है और कई जिलों में संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट गए हैं।
आम जनता पर असर
बाढ़ प्रभावित परिवारों को न केवल विस्थापन बल्कि पेयजल संकट, बीमारियों के खतरे और खाद्य असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। सेना द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सहायता और स्वच्छता किट इस संकट में विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है, और ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर इस बार भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।
सेना की प्रतिबद्धता
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि वह असम के लोगों के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है और जहाँ भी ज़रूरत होगी, राहत, सहायता और भरोसा पहुँचाने का मानवीय अभियान पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखा जाएगा। जवान बाढ़ के उतरने तक मैदान में डटे रहेंगे।
क्या होगा आगे
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF और SDRF की अतिरिक्त टीमों की तैनाती की संभावना है। सेना के अनुसार, राहत अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती।