19 अगस्त 2026
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वाल्मीकि निगम घोटाला: BJP ने नागेंद्र का इस्तीफा माँगा, अशोक बोले — 'पहले भी दिलवाया, इस बार भी लेंगे'

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वाल्मीकि निगम घोटाला: BJP ने नागेंद्र का इस्तीफा माँगा, अशोक बोले — 'पहले भी दिलवाया, इस बार भी लेंगे'

सारांश

कर्नाटक विधानसभा में BJP ने वाल्मीकि निगम के ₹187 करोड़ के कथित घोटाले को लेकर मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की माँग तेज कर दी है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने CBI की तीन चार्जशीट और 600 खातों में धन ट्रांसफर का हवाला देते हुए कहा — 'पहले भी इस्तीफा दिलवाया, इस बार भी लेकर रहेंगे।'

मुख्य बातें

अशोक ने 19 अगस्त को दोहराया कि मंत्री बी.
नागेंद्र का इस्तीफा लेकर रहेंगे।
आरोप: कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के ₹187 करोड़ कथित तौर पर डायवर्ट हुए, जिनमें से ₹1.2 करोड़ नागेंद्र के खाते में।
CBI ने इस मामले में तीन चार्जशीट और ED ने एक चार्जशीट दाखिल की है; धनराशि कथित तौर पर 600 खातों में बाँटी गई।
अशोक ने राज्य CID की क्लीन चिट को अपर्याप्त बताते हुए कहा — नागेंद्र को विशेष अदालत से क्लीन चिट लानी होगी।
नागेंद्र ने विपक्ष पर 'मनुवादी' साजिश का आरोप लगाया; BJP ने 'दलित कार्ड' की दलील खारिज की।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार, 19 अगस्त को बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि BJP, कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित घोटाले में योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा लेकर रहेगी। अशोक ने कहा, "हमने पहले भी आंदोलन करके नागेंद्र का इस्तीफा दिलवाया था। इस बार भी उनका इस्तीफा लेकर रहेंगे।" यह बयान उस दिन आया जब BJP और जनता दल (सेक्युलर) ने विधानसभा की कार्यवाही बाधित कर नागेंद्र के इस्तीफे की माँग की।

घोटाले के आरोप: ₹187 करोड़ और 600 खाते

अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के ₹187 करोड़ कथित तौर पर डायवर्ट किए गए, जिनमें से ₹1.2 करोड़ सीधे नागेंद्र के खाते में जमा किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नागेंद्र के रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई।

BJP नेता के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट में इस कथित लेन-देन का विस्तृत ब्योरा दिया गया है और धनराशि करीब 600 खातों में बाँटी गई। अशोक ने सवाल किया कि मंत्री की जानकारी या सहमति के बिना सरकारी धन इतनी बड़ी संख्या में खातों में कैसे ट्रांसफर हो सकता था।

उन्होंने नागेंद्र के करीबी सहयोगी नेक्कुंटी नागराज का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके खाते में भी रकम जमा की गई। अशोक के अनुसार, यह धनराशि आंध्र प्रदेश के एक सहकारी बैंक के जरिए भेजी गई और बाद में नागेंद्र के गृह जिले बल्लारी तक पहुँचाई गई। उन्होंने इसे 'पहले से सुनियोजित घोटाला' करार दिया।

CBI और ED की चार्जशीट, CID की क्लीन चिट पर विवाद

अशोक ने बताया कि इस मामले में CBI तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी चार्जशीट दाखिल की है। उन्होंने राज्य सीआईडी (CID) द्वारा नागेंद्र को कथित तौर पर दी गई क्लीन चिट को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि नागेंद्र को अदालत से — विशेष रूप से सांसदों और विधायकों के मामलों की विशेष अदालत से — क्लीन चिट लेकर आनी चाहिए।

अशोक ने पूर्व BJP मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा का उदाहरण देते हुए कहा कि CID से क्लीन चिट मिलने के बावजूद उन्हें तुरंत मंत्रिमंडल में वापस नहीं लिया गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिना जाँच के 9,000 पन्नों की चार्जशीट कैसे तैयार हो सकती है।

नागेंद्र की दलील और BJP का जवाब

मंत्री नागेंद्र ने विपक्ष पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा कि 'मनुवादी' एक दलित एवं आदिवासी नेता को मंत्रिमंडल से हटाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार है, तो विपक्ष इस्तीफे की माँग पर क्यों अड़ा है।

अशोक ने इस दलील को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के कई नेता हैं और यदि वह प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहती है तो अन्य ST नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, "यहाँ दलित कार्ड नहीं खेलना चाहिए।"

CBI-ED की स्वायत्तता पर बहस

नागेंद्र ने CBI और ED को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था। इस पर अशोक ने पलटवार करते हुए कहा कि ये एजेंसियाँ दशकों से काम कर रही हैं और उन्होंने सवाल किया कि क्या पहले भी ये राजनीतिक थीं। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि जाँच राजनीतिक रूप से प्रेरित थी, तो केवल नागेंद्र को ही क्यों निशाना बनाया गया और अन्य मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

आगे क्या होगा

BJP ने स्पष्ट किया है कि नागेंद्र के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक विधानसभा का सत्र चल रहा है और विपक्ष ने सदन की कार्यवाही बाधित करने की रणनीति अपनाई है। गौरतलब है कि यह मामला अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए निर्धारित सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भ्रष्टाचार और जवाबदेही एक-दूसरे से टकराते हैं। नागेंद्र का 'मनुवादी साजिश' वाला बयान और BJP का 'दलित कार्ड न खेलें' वाला जवाब — दोनों ही इस विवाद को तथ्यात्मक दायरे से बाहर ले जाने की कोशिश हैं। असली सवाल यह है कि CBI की तीन चार्जशीट और 9,000 पन्नों के दस्तावेज़ के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक मंत्री को मंत्रिमंडल में क्यों बनाए रखा है। अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए निर्धारित धन के कथित दुरुपयोग पर जितनी देर से जवाबदेही तय होगी, उतना ही उस समुदाय का विश्वास राजनीतिक व्यवस्था से और कम होगा।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाल्मीकि निगम घोटाला क्या है?
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के कथित तौर पर ₹187 करोड़ डायवर्ट किए जाने का मामला है। BJP के अनुसार, इनमें से ₹1.2 करोड़ सीधे मंत्री बी. नागेंद्र के खाते में और शेष रकम उनके रिश्तेदारों व सहयोगियों के करीब 600 खातों में ट्रांसफर की गई।
BJP नागेंद्र का इस्तीफा क्यों माँग रही है?
BJP का कहना है कि CBI तीन चार्जशीट और ED एक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें नागेंद्र की कथित संलिप्तता का विस्तृत ब्योरा है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने तर्क दिया कि जब तक अदालत से क्लीन चिट नहीं मिलती, नागेंद्र का मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है।
नागेंद्र ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री बी. नागेंद्र ने कहा कि 'मनुवादी' तत्व एक दलित एवं आदिवासी नेता को मंत्रिमंडल से बाहर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने CBI और ED को राजनीतिक रूप से प्रेरित भी बताया।
CID की क्लीन चिट पर BJP की क्या आपत्ति है?
BJP नेता अशोक ने राज्य CID की क्लीन चिट को अपर्याप्त बताया और कहा कि नागेंद्र को सांसदों-विधायकों के मामलों की विशेष अदालत से क्लीन चिट लानी होगी। उन्होंने पूर्व BJP मंत्री के.एस. ईश्वरप्पा का उदाहरण दिया, जिन्हें CID क्लीन चिट के बावजूद तुरंत मंत्रिमंडल में नहीं लिया गया था।
इस मामले में कानूनी स्थिति क्या है?
CBI इस मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और ED ने भी एक चार्जशीट दाखिल की है। BJP के अनुसार, CBI ने यह स्थापित किया है कि धनराशि चेक के जरिए निकाली गई और आंध्र प्रदेश के एक सहकारी बैंक के माध्यम से बल्लारी तक पहुँचाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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