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राम मंदिर चोरी मामले में SIT रिपोर्ट पर आनंद दुबे बोले — 'CBI जांच बिना सच नहीं आएगा सामने'

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राम मंदिर चोरी मामले में SIT रिपोर्ट पर आनंद दुबे बोले — 'CBI जांच बिना सच नहीं आएगा सामने'

सारांश

शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने राम मंदिर दान-पात्र चोरी में CBI जांच की माँग दोहराई, SIT रिपोर्ट को 'उलझा हुआ' बताया, और ओवैसी को BJP की 'B टीम' करार दिया। SIR की समय-सीमा बढ़ने को उन्होंने विपक्ष की बड़ी जीत बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना (UBT) नेता आनंद दुबे ने 27 सितंबर 2026 को मुंबई में कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
राम मंदिर दान-पात्र चोरी मामले में CBI जांच की माँग — SIT रिपोर्ट को 'उलझा हुआ' बताया।
चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव का सरकारी गवाह बनना दुबे को 'संदिग्ध' लगा।
SIR की समय-सीमा बढ़ाने को विपक्ष की जीत बताया; माँग — कोई नाम न छूटे, कोई गलत नाम न जुड़े।
ओवैसी पर आरोप — वे BJP की 'B टीम' हैं और नूरा-कुश्ती करते हैं।

शिवसेना (UBT) के नेता आनंद दुबे ने 27 सितंबर 2026 को मुंबई में चुनाव आयोग, विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR), अयोध्या राम मंदिर दान-पात्र चोरी प्रकरण और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दुबे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की जांच नहीं करती, असली सच्चाई सामने नहीं आ सकती।

चुनाव आयोग पर विपक्ष की जीत का दावा

दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से SIR की समय-सीमा बढ़ाना विपक्ष के दबाव की बड़ी जीत है। उनके अनुसार, 'कोई लुका-छिपी और धांधली न की जाए' — यह उनकी पार्टी की एकमात्र माँग है। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि विपक्ष के इतने दबाव के बाद ही सही चुनाव आयोग बैकफुट पर है। चुनाव आयोग की ओर से समय सीमा बढ़ा दी गई है। यह जनता की बहुत बड़ी जीत है। सरकार और चुनाव आयोग की किरकिरी जैसा है, क्योंकि उनकी चोरी पकड़ी गई है।'

SIR प्रक्रिया — बिहार से महाराष्ट्र तक की चिंता

दुबे ने बताया कि SIR की प्रक्रिया सबसे पहले बिहार से शुरू हुई, फिर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में लागू हुई। उनकी पार्टी की माँग है कि इस प्रक्रिया में किसी पात्र नागरिक का नाम न छूटे और कोई अपात्र नाम गलत ढंग से दर्ज न हो। उन्होंने इसे 'बहुत छोटी, लेकिन ज़रूरी लड़ाई' बताया।

राम मंदिर दान-पात्र चोरी — CBI जांच की माँग

अयोध्या के राम मंदिर में दान-पात्र से चोरी के मामले में चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाए जाने पर दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'इतने वर्षों की तपस्या के बाद हमें मंदिर मिला और मंदिर के दान-पात्र में ही चोरी हो गई — यह बहुत ही कलंकित काम किया गया।' दुबे के अनुसार, जिन लोगों पर आरोप लगे, वही अब गवाह भी बन रहे हैं — इससे मामला और अधिक उलझ गया है। उन्होंने कहा, 'जब तक CBI जांच नहीं होगी, कैसे पता चलेगा कौन क्या है और सच क्या है?' यह ऐसे समय में आया है जब SIT की रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और हिंदू समाज में इस मुद्दे पर गहरी पीड़ा है।

ओवैसी पर तीखा हमला — 'BJP की B टीम'

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के SIR पर दिए बयान पर दुबे ने कहा, 'ओवैसी स्वयं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'B' टीम हैं। भाजपा और एआईएमआईएम आपस में नूरा-कुश्ती करते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ही ओवैसी को स्क्रिप्ट, कहानी और योजना देती है — और बाद में उनके बयानों का खंडन कर राजनीतिक लाभ उठाती है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना (UBT) ने ओवैसी को BJP का 'सहायक खिलाड़ी' करार दिया हो।

आगे क्या

राम मंदिर चोरी मामले में CBI जांच की माँग अब विपक्षी दलों की एक केंद्रीय माँग बनती दिख रही है। SIR की विस्तारित समय-सीमा को विपक्ष अपनी जीत मान रहा है, लेकिन मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर बहस अभी थमी नहीं है। आने वाले दिनों में CBI जांच की माँग पर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि SIT जांच पहले से जारी है और उसकी रिपोर्ट अभी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं हुई। SIT को दरकिनार कर सीधे CBI की माँग करना — विशेष रूप से जब आरोपियों में से कुछ गवाह बन चुके हैं — विपक्ष की जाँच की माँग को वैध बनाता है, लेकिन यह भी संकेत करता है कि मामले का राजनीतिकरण हो रहा है। SIR पर ओवैसी को 'BJP की B टीम' कहना शिवसेना (UBT) की पुरानी रणनीति है, जो मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने की कोशिश भी है। असली सवाल यह है कि क्या अदालत या केंद्र सरकार CBI को इस मामले में अधिकृत करेगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान-पात्र चोरी मामले में आनंद दुबे ने CBI जांच की माँग क्यों की?
दुबे का कहना है कि जिन लोगों पर आरोप लगे थे, वही अब सरकारी गवाह बन रहे हैं, जिससे मामला उलझ गया है। उनके अनुसार SIT रिपोर्ट के बावजूद सच्चाई स्पष्ट नहीं हो पाई है, इसलिए CBI जांच ज़रूरी है।
SIR (विशेष सघन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है, जो बिहार से शुरू होकर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में लागू हुई। विपक्ष को आशंका है कि इस प्रक्रिया में वैध नाम हट सकते हैं या अपात्र नाम जुड़ सकते हैं।
चुनाव आयोग ने SIR की समय-सीमा क्यों बढ़ाई?
दुबे के अनुसार, विपक्ष के लगातार दबाव के कारण चुनाव आयोग ने SIR की समय-सीमा बढ़ाई। उन्होंने इसे जनता और विपक्ष की जीत बताते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
आनंद दुबे ने ओवैसी को BJP की 'B टीम' क्यों कहा?
दुबे का आरोप है कि एआईएमआईएम और BJP के बीच एक अनकही समझ है, जिसमें ओवैसी BJP की दी हुई 'स्क्रिप्ट' पर बयान देते हैं और BJP बाद में उनका खंडन कर राजनीतिक लाभ उठाती है। यह शिवसेना (UBT) का पुराना रुख रहा है।
राम मंदिर दान-पात्र चोरी मामले में अब तक क्या हुआ है?
अयोध्या के राम मंदिर में दान-पात्र से चोरी का मामला सामने आने के बाद SIT जांच शुरू हुई। चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाया गया है। विपक्ष अब CBI जांच की माँग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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