27 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह को स्क्वैश फाइनल में हार, सिल्वर मेडल मिला — LA28 ओलंपिक क्वालिफिकेशन से चूके

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एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह को स्क्वैश फाइनल में हार, सिल्वर मेडल मिला — LA28 ओलंपिक क्वालिफिकेशन से चूके

सारांश

नागोया में अभय सिंह का सिल्वर मेडल भारतीय स्क्वैश की बढ़ती ताकत का प्रमाण है — लेकिन LA28 ओलंपिक का सीधा टिकट चूकना एक कड़वी सच्चाई है। जिस ईन यो एनजी ने 2023 में सौरव घोषाल को हराया था, उसी ने 2026 में अभय को भी रोका — यह भारत-मलेशिया स्क्वैश प्रतिद्वंद्विता का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

अभय सिंह को एशियन गेम्स 2026 के मेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में 9-11, 5-11, 5-11 से हार का सामना करना पड़ा।
अभय को सिल्वर मेडल मिला; वे एशियन गेम्स स्क्वैश में रजत जीतने वाले सौरव घोषाल के बाद दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने।
सौरव घोषाल ने 2014 और 2023 में इसी इवेंट में सिल्वर मेडल जीते थे।
फाइनल में हार के कारण अभय लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए — यह पहली बार है जब स्क्वैश ओलंपिक में शामिल हो रहा है।
विजेता ईन यो एनजी ने पूरी प्रतियोगिता में एक भी गेम गंवाए बिना ओलंपिक क्वालिफिकेशन हासिल किया — ऐसा करने वाले वे पहले स्क्वैश खिलाड़ी हैं।
नागोया किंजो फुतो एरिना में यह फाइनल 44 मिनट तक चला।

भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह को एशियन गेम्स 2026 के मेंस सिंगल्स फाइनल में 27 सितंबर को नागोया में मलेशिया के डिफेंडिंग चैंपियन ईन यो एनजी के हाथों 9-11, 5-11, 5-11 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ अभय को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा और वे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए — जो स्क्वैश के लिए ओलंपिक में पहली बार शामिल होने का ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्य मुकाबला: 44 मिनट की कड़ी जंग

नागोया किंजो फुतो एरिना में 44 मिनट तक चले इस फाइनल में अभय ने जोरदार संघर्ष किया। पहले गेम में उन्होंने बैकहैंड शॉट के जरिए 2-1 की शुरुआती बढ़त बनाई। ईन ने लगातार चार पॉइंट जीतकर 6-3 की बढ़त बनाई, लेकिन अभय ने एक चालाकी भरे बैकहैंड विनर और स्ट्रोक कॉल की मदद से स्कोर 8-8 से बराबर कर लिया। अंततः ईन ने पहला गेम 11-9 से अपने नाम किया।

दूसरे गेम में अभय ने 2-2 तक बराबरी बनाए रखी, मगर लगातार अनफोर्स्ड गलतियों के चलते ईन ने 7-3 और फिर 10-5 की बढ़त बना ली। पाँच गेम पॉइंट मिलने के बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने दूसरा गेम भी जीत लिया।

तीसरे गेम में अभय ने सटीक बैकहैंड स्लाइस और क्रॉसकोर्ट किल के जरिए 4-2 की बढ़त बनाकर वापसी की उम्मीद जगाई। परंतु ईन ने संयम बनाए रखते हुए स्कोर बराबर किया और लगातार तीन पॉइंट जीतकर 7-4 की बढ़त ले ली। 10-5 पर पाँच चैंपियनशिप पॉइंट के साथ मलेशियाई खिलाड़ी खिताब के करीब था। अंतिम रैली में अभय का स्लाइस शॉट टिन से टकराया और मुकाबला समाप्त हो गया।

ऐतिहासिक संदर्भ: सौरव घोषाल के बाद दूसरे भारतीय

इस सिल्वर मेडल के साथ अभय सिंह एशियन गेम्स मेंस सिंगल्स स्क्वैश में रजत जीतने वाले सौरव घोषाल के बाद केवल दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए। गौरतलब है कि सौरव ने 2014 और 2023 में इसी इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किए थे। यह भी उल्लेखनीय है कि ईन यो एनजी ने 2023 के एशियन गेम्स फाइनल में सौरव घोषाल को भी हराया था — यानी एक ही मलेशियाई खिलाड़ी ने दो अलग-अलग संस्करणों में भारत के दो शीर्ष खिलाड़ियों को फाइनल में मात दी।

ईन यो एनजी का ऐतिहासिक क्वालिफिकेशन

इस जीत के साथ ईन यो एनजी ने एशियन गेम्स का मेंस सिंगल्स खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया। वे आइची-नागोया प्रतियोगिता के दौरान एक भी गेम गंवाए बिना ओलंपिक क्वालिफिकेशन हासिल करने वाले पहले स्क्वैश खिलाड़ी बन गए — यह उपलब्धि उनकी असाधारण निरंतरता को रेखांकित करती है।

अभय के लिए आगे की राह

फाइनल में हार के बावजूद अभय सिंह का सिल्वर मेडल भारतीय स्क्वैश के लिए उत्साहजनक संकेत है। LA28 ओलंपिक में स्क्वैश की पहली ऐतिहासिक उपस्थिति के लिए क्वालिफिकेशन के अन्य रास्ते अभी बाकी हैं, और अभय की यह प्रदर्शन उनकी शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाता है। आने वाले महीनों में विश्व स्क्वैश महासंघ के क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों को ओलंपिक का टिकट पाने का मौका देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह खेल पहली बार ओलंपिक में शामिल हो रहा है। यह दूसरी बार है जब एक ही मलेशियाई खिलाड़ी ने फाइनल में भारत के शीर्ष स्क्वैश खिलाड़ी को हराया — 2023 में सौरव घोषाल, 2026 में अभय सिंह। इस पैटर्न से साफ है कि ईन यो एनजी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों की रणनीतिक तैयारी में कमी है जिसे दूर करना होगा। ओलंपिक के वैकल्पिक क्वालिफिकेशन रास्तों पर अब भारतीय स्क्वैश फेडरेशन की कार्यनीति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 स्क्वैश फाइनल में अभय सिंह का क्या हुआ?
अभय सिंह को 27 सितंबर 2026 को नागोया में मलेशिया के ईन यो एनजी के खिलाफ 9-11, 5-11, 5-11 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यह मुकाबला नागोया किंजो फुतो एरिना में 44 मिनट तक चला।
अभय सिंह LA28 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई क्यों नहीं कर पाए?
एशियन गेम्स 2026 के मेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी को सीधे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में जगह मिलती थी। फाइनल में हार के कारण अभय यह सीधा क्वालिफिकेशन चूक गए। स्क्वैश पहली बार LA28 ओलंपिक में शामिल हो रहा है।
ईन यो एनजी की इस जीत का क्या महत्व है?
ईन यो एनजी ने एशियन गेम्स मेंस सिंगल्स स्क्वैश खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया। वे आइची-नागोया प्रतियोगिता में एक भी गेम गंवाए बिना ओलंपिक क्वालिफिकेशन हासिल करने वाले पहले स्क्वैश खिलाड़ी बन गए।
सौरव घोषाल और अभय सिंह का एशियन गेम्स स्क्वैश में क्या संबंध है?
सौरव घोषाल ने 2014 और 2023 एशियन गेम्स में मेंस सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीते थे। अभय सिंह 2026 में इसी इवेंट में सिल्वर जीतकर उनके बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए।
क्या अभय सिंह के पास LA28 ओलंपिक के लिए अभी भी क्वालिफाई करने का मौका है?
एशियन गेम्स का सीधा क्वालिफिकेशन चूकने के बावजूद विश्व स्क्वैश महासंघ के अन्य क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट के माध्यम से LA28 ओलंपिक में जगह बनाने के रास्ते बाकी हैं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में प्रदर्शन निर्णायक होगा।
राष्ट्र प्रेस
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