एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह को स्क्वैश फाइनल में हार, सिल्वर मेडल मिला — LA28 ओलंपिक क्वालिफिकेशन से चूके
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह को एशियन गेम्स 2026 के मेंस सिंगल्स फाइनल में 27 सितंबर को नागोया में मलेशिया के डिफेंडिंग चैंपियन ईन यो एनजी के हाथों 9-11, 5-11, 5-11 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ अभय को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा और वे लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए — जो स्क्वैश के लिए ओलंपिक में पहली बार शामिल होने का ऐतिहासिक अवसर है।
मुख्य मुकाबला: 44 मिनट की कड़ी जंग
नागोया किंजो फुतो एरिना में 44 मिनट तक चले इस फाइनल में अभय ने जोरदार संघर्ष किया। पहले गेम में उन्होंने बैकहैंड शॉट के जरिए 2-1 की शुरुआती बढ़त बनाई। ईन ने लगातार चार पॉइंट जीतकर 6-3 की बढ़त बनाई, लेकिन अभय ने एक चालाकी भरे बैकहैंड विनर और स्ट्रोक कॉल की मदद से स्कोर 8-8 से बराबर कर लिया। अंततः ईन ने पहला गेम 11-9 से अपने नाम किया।
दूसरे गेम में अभय ने 2-2 तक बराबरी बनाए रखी, मगर लगातार अनफोर्स्ड गलतियों के चलते ईन ने 7-3 और फिर 10-5 की बढ़त बना ली। पाँच गेम पॉइंट मिलने के बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने दूसरा गेम भी जीत लिया।
तीसरे गेम में अभय ने सटीक बैकहैंड स्लाइस और क्रॉसकोर्ट किल के जरिए 4-2 की बढ़त बनाकर वापसी की उम्मीद जगाई। परंतु ईन ने संयम बनाए रखते हुए स्कोर बराबर किया और लगातार तीन पॉइंट जीतकर 7-4 की बढ़त ले ली। 10-5 पर पाँच चैंपियनशिप पॉइंट के साथ मलेशियाई खिलाड़ी खिताब के करीब था। अंतिम रैली में अभय का स्लाइस शॉट टिन से टकराया और मुकाबला समाप्त हो गया।
ऐतिहासिक संदर्भ: सौरव घोषाल के बाद दूसरे भारतीय
इस सिल्वर मेडल के साथ अभय सिंह एशियन गेम्स मेंस सिंगल्स स्क्वैश में रजत जीतने वाले सौरव घोषाल के बाद केवल दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए। गौरतलब है कि सौरव ने 2014 और 2023 में इसी इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किए थे। यह भी उल्लेखनीय है कि ईन यो एनजी ने 2023 के एशियन गेम्स फाइनल में सौरव घोषाल को भी हराया था — यानी एक ही मलेशियाई खिलाड़ी ने दो अलग-अलग संस्करणों में भारत के दो शीर्ष खिलाड़ियों को फाइनल में मात दी।
ईन यो एनजी का ऐतिहासिक क्वालिफिकेशन
इस जीत के साथ ईन यो एनजी ने एशियन गेम्स का मेंस सिंगल्स खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया। वे आइची-नागोया प्रतियोगिता के दौरान एक भी गेम गंवाए बिना ओलंपिक क्वालिफिकेशन हासिल करने वाले पहले स्क्वैश खिलाड़ी बन गए — यह उपलब्धि उनकी असाधारण निरंतरता को रेखांकित करती है।
अभय के लिए आगे की राह
फाइनल में हार के बावजूद अभय सिंह का सिल्वर मेडल भारतीय स्क्वैश के लिए उत्साहजनक संकेत है। LA28 ओलंपिक में स्क्वैश की पहली ऐतिहासिक उपस्थिति के लिए क्वालिफिकेशन के अन्य रास्ते अभी बाकी हैं, और अभय की यह प्रदर्शन उनकी शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को दर्शाता है। आने वाले महीनों में विश्व स्क्वैश महासंघ के क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों को ओलंपिक का टिकट पाने का मौका देंगे।