गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों से राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रखने का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गांधीनगर स्थित लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नागरिकों से राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को पूरी ईमानदारी, परिश्रम और सेवाभाव के साथ अपने सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल देवव्रत ने लोक भवन परिसर में देशभक्तिपूर्ण वातावरण के बीच तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने उन अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने नागरिकों से इन वीरों के 'अतुलनीय बलिदान, समर्पण और वीरता' से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान राज्यपाल ने लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण भी किया, जिसे पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
विकसित भारत के विजन से जोड़ा संदेश
राज्यपाल देवव्रत ने नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को साकार करने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान अनिवार्य है और एकजुट होकर ही 2047 तक एक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोहों में विशेष रूप से युवा भारतीयों की भूमिका को रेखांकित किया गया है, जो 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
राज्यपाल का संदेश
देवव्रत ने अपने संबोधन में कहा, 'हम सभी को राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने और अपने सामाजिक और राष्ट्रीय कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी, कड़ी मेहनत और सेवा भाव से निभाने का दृढ़ संकल्प लेना चाहिए।' उन्होंने नागरिकों से एकजुट होकर विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने गुजरात की जनता और देशभर के नागरिकों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश में शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना की।
आम जनता पर असर
यह अपील ऐसे समय आई है जब देश अपनी स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है और सरकार 'विकसित भारत' के एजेंडे को जन-जन तक पहुंचाने में जुटी है। राज्यपाल का यह संदेश नागरिक जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास की उस भावना को पुनर्जीवित करने की कोशिश है, जो स्वतंत्रता आंदोलन की नींव थी। आने वाले समय में राज्य सरकार और केंद्र की योजनाओं में नागरिक भागीदारी को और अधिक बढ़ावा दिए जाने की उम्मीद है।