जनगणना 2027: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पूरी की ऑनलाइन स्व-गणना, 31 मई तक जनता से अपील

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जनगणना 2027: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पूरी की ऑनलाइन स्व-गणना, 31 मई तक जनता से अपील

सारांश

देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना की शुरुआत गुजरात से हो रही है — राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने खुद ऑनलाइन स्व-गणना पूरी कर जनता को 31 मई की समय सीमा से पहले भाग लेने का संदेश दिया। जून में 1 लाख से अधिक कर्मी घर-घर सर्वेक्षण करेंगे।

मुख्य बातें

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गांधीनगर के लोक भवन से जनगणना-2027 की ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की।
नागरिक आधिकारिक वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से 31 मई 2025 तक अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं।
यह देश के इतिहास में पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है।
1 जून से 30 जून 2025 तक गुजरात में घर-घर जनगणना होगी, जिसमें 1 लाख से अधिक कर्मी तैनात होंगे।
शिक्षा राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने भी गांधीनगर से ऑनलाइन पोर्टल पर परिवार का विवरण दर्ज किया।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 19 मई 2025 को गांधीनगर स्थित लोक भवन से जनगणना-2027 के लिए ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया पूरी की और प्रदेशवासियों से 31 मई की समय सीमा से पहले इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। यह देश के इतिहास में पहली बार है जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है।

डिजिटल जनगणना की ऐतिहासिक शुरुआत

अधिकारियों के अनुसार, जनगणना-2027 में पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत नागरिक देश के किसी भी कोने से आधिकारिक वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने जनसांख्यिकीय विवरण डिजिटल तरीके से दर्ज कर सकते हैं। गुजरात में यह सुविधा 31 मई 2025 तक उपलब्ध रहेगी।

गुजरात के जनगणना संचालन निदेशक सुजल मायात्रा ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म की तकनीकी संरचना और डेटा सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी।

राज्यपाल का संदेश: सटीक डेटा से बनेगा विकसित भारत

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिससे यह प्रक्रिया 'बेहद आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक' बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 'विकसित भारत के निर्माण के लिए सही और समय पर जानकारी बेहद जरूरी है।' राज्यपाल ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताया।

घर-घर जनगणना का अगला चरण

अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना चरण पूरा होने के बाद 1 जून से 30 जून 2025 तक पूरे गुजरात में घर-घर जाकर जनगणना का कार्य संचालित किया जाएगा। इस कार्य के लिए 1 लाख से अधिक प्रशिक्षित जनगणना कर्मियों की तैनाती की जाएगी। यह दोहरी प्रक्रिया — पहले डिजिटल, फिर भौतिक — डेटा की व्यापकता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई है।

मंत्री रिवाबा जडेजा भी अभियान में शामिल

राज्य की शिक्षा राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने भी गांधीनगर से ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण दर्ज कर इस अभियान में भागीदारी की। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे घर बैठे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समय सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी करें। रिवाबा जडेजा ने कहा कि जनगणना में जनता की भागीदारी देश के विकास की बेहतर योजना बनाने और 'मजबूत भारत' के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

आगे क्या होगा

गुजरात में 31 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना की समय सीमा है, जिसके बाद जून में भौतिक सर्वेक्षण का दौर शुरू होगा। जनगणना-2027 के आँकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, संसाधन आवंटन और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ग्रामीण और वंचित तबकों तक इसकी पहुँच होगी — जहाँ स्मार्टफोन और इंटरनेट की उपलब्धता अभी भी असमान है। यह भी गौरतलब है कि भारत की जनगणना 2011 के बाद से लंबित थी और 2021 में कोविड के कारण स्थगित हुई, इसलिए 2027 के आँकड़े नीति-निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे। डिजिटल और भौतिक — दोनों चरणों का संयोजन सही दिशा में है, परंतु डेटा की गुणवत्ता और समावेशिता सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना-2027 की ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया क्या है?
जनगणना-2027 में पहली बार सेल्फ-एन्यूमरेशन सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके तहत नागरिक आधिकारिक वेब पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपने जनसांख्यिकीय विवरण खुद डिजिटल तरीके से दर्ज कर सकते हैं। गुजरात में यह सुविधा 31 मई 2025 तक उपलब्ध है।
गुजरात में जनगणना-2027 की समय सीमा क्या है?
गुजरात में ऑनलाइन स्व-गणना की अंतिम तिथि 31 मई 2025 है। इसके बाद 1 जून से 30 जून 2025 तक घर-घर जाकर भौतिक जनगणना का कार्य किया जाएगा।
क्या यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है?
हाँ, अधिकारियों के अनुसार जनगणना-2027 देश के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। नागरिक देश के किसी भी हिस्से से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
गुजरात में घर-घर जनगणना कब होगी और कितने कर्मी तैनात होंगे?
ऑनलाइन चरण के बाद 1 जून से 30 जून 2025 तक पूरे गुजरात में घर-घर जनगणना का कार्य होगा। इसके लिए 1 लाख से अधिक प्रशिक्षित जनगणना कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
जनगणना-2027 में भाग लेना क्यों जरूरी है?
जनगणना के आँकड़े सरकारी योजनाओं, संसाधन आवंटन और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि 'विकसित भारत के निर्माण के लिए सही और समय पर जानकारी बेहद जरूरी है।'
राष्ट्र प्रेस
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