जनगणना 2027: गुजरात में CM भूपेंद्र पटेल समेत मंत्रियों-विधायकों ने पूरी की डिजिटल स्व-गणना
सारांश
मुख्य बातें
जनगणना-2027 के तहत केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई डिजिटल स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया गुजरात में 17 मई 2026 से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर से आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर राज्य की भागीदारी को औपचारिक रूप दिया। इसके साथ ही कई मंत्रियों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने भी इस प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा किया।
स्व-गणना प्रक्रिया क्या है
जनगणना निदेशालय के अनुसार, सेल्फ-एन्यूमरेशन एक सुरक्षित ऑनलाइन सुविधा है जिसके ज़रिए परिवार घर-घर गिनती शुरू होने से पहले ही आवास, सुविधाओं और परिवार की संरचना से जुड़ी जानकारी स्वेच्छा से जमा कर सकते हैं। पोर्टल बहुभाषी और मोबाइल-संगत है, जिससे राज्यभर के नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी (SE ID) जेनरेट होती है, जिसका उपयोग बाद में फील्ड सत्यापन के दौरान किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
अहमदाबाद नगर निगम के अंतर्गत आने वाले नगर जनगणना विभाग ने चुने हुए प्रतिनिधियों की भागीदारी का समन्वय किया। प्रतिभागियों में शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, विधायक अमूल भट्ट (मणिनगर), कंचन रादडिया (ठक्करबापानगर), अमित ठाकर (वेजलपुर), अमित शाह (एलिसब्रिज), डॉ. पायल कुकानी (नरोदा), डॉ. हसमुख पटेल (अमराईवाड़ी), भीखू पटेल (नारणपुरा) और डॉ. हर्षद पटेल (साबरमती) शामिल हैं। पूर्व मंत्री गोर्धन जदाफिया और दिलीप परमार समेत कई वार्ड पार्षदों ने भी अपनी गिनती पूरी की।
समय-सारणी और आगे का कार्यक्रम
गुजरात में स्व-गणना की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित है। इसके बाद 1 जून से 30 जून तक 'हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना' के फील्ड ऑपरेशन होंगे, जिसमें गणनाकर्ता घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इस दौरान नागरिकों को सत्यापन के लिए अपनी SE ID प्रस्तुत करनी होगी।
आम जनता पर असर
जनगणना अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य डेटा की सटीकता बढ़ाना और फील्ड वर्क का बोझ कम करना है। यह प्रक्रिया पूरे देश में दो चरणों में पूरी होगी — पहले चरण में आवास और परिवार डेटा संग्रह, और दूसरे चरण में 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना। गौरतलब है कि कोविड महामारी के कारण 2021 की जनगणना स्थगित हो गई थी, और यह भारत की पहली डिजिटल-प्रथम जनगणना मानी जा रही है।