जनगणना-2027: अहमदाबाद में 12,000 गणनाकर्ता और 2,000 पर्यवेक्षक तैनात, 1 जून से शुरू होगा पहला चरण
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने जनगणना-2027 की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए 12,000 गणनाकर्ताओं और 2,000 पर्यवेक्षकों की तैनाती पूरी कर ली है। मकान सूचीकरण और आवास गणना का पहला चरण 1 से 30 जून 2027 के बीच संचालित किया जाएगा, जो दशकों बाद हो रही इस राष्ट्रीय गणना की गुजरात में आधिकारिक शुरुआत होगी।
तैयारियों का मौजूदा स्तर
AMC के नगर जनगणना विभाग के अनुसार, अब तक लगभग 7,500 कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। शेष कर्मचारियों का प्रशिक्षण 21 मई तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। अहमदाबाद के सभी 48 वार्डों के स्कूलों और सामुदायिक हॉलों में ये प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
गणनाकर्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, अर्ध-सरकारी कार्यालयों तथा शैक्षणिक संस्थानों से लिया गया है। संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक नियुक्ति आदेशों के अनुसार सभी कर्मचारियों को वार्डवार आवंटित किया जा चुका है।
स्वगणना पोर्टल: नागरिकों को मिलेगा पहले भाग लेने का मौका
केंद्र सरकार नागरिकों को ऑनलाइन स्वगणना के माध्यम से भी भाग लेने की सुविधा देगी। गुजरात के निवासियों के लिए यह पोर्टल 17 से 31 मई तक खुला रहेगा। इस सुविधा के ज़रिए परिवार घर-घर गणना शुरू होने से पहले ही आवास और घरेलू सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार डेटा संग्रह में डिजिटल भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है। स्वगणना का विकल्प पहली बार बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो 2027 की जनगणना को पिछली गणनाओं से अलग बनाता है।
डिजिटल तकनीक का उपयोग
जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल उपकरणों के सहारे संचालित होगी। गणनाकर्ताओं को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा दर्ज करना होगा, जबकि नागरिकों के लिए अलग ऑनलाइन स्वगणना प्रणाली उपलब्ध होगी। घर-घर सूचीकरण चरण में आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।
अनुपालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी
AMC ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले या जनगणना संबंधी कर्तव्यों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे गणनाकर्ताओं के साथ पूर्ण सहयोग करें और दोनों चरणों में सटीक जानकारी उपलब्ध कराएँ।
गौरतलब है कि भारत में जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब 2027 में होने वाली यह गणना करीब डेढ़ दशक बाद देश की आधिकारिक जनसंख्या तस्वीर सामने लाएगी।