जनगणना 2027: गुजरात में स्व-गणना शुरू, CM भूपेंद्र पटेल ने खुद भरा ऑनलाइन फॉर्म

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जनगणना 2027: गुजरात में स्व-गणना शुरू, CM भूपेंद्र पटेल ने खुद भरा ऑनलाइन फॉर्म

सारांश

जनगणना 2027 का डिजिटल युग शुरू हो गया — गुजरात में CM भूपेंद्र पटेल ने खुद फॉर्म भरकर स्व-गणना अभियान की शुरुआत की। 31 मई तक का मौका, 25 राज्यों में 1.44 करोड़ परिवार पहले ही भाग ले चुके हैं। यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है।

मुख्य बातें

गुजरात में जनगणना 2027 की स्व-गणना सुविधा 18 मई 2025 से शुरू हुई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वयं और परिवार का विवरण जनगणना पोर्टल पर दर्ज कर अभियान का शुभारंभ किया।
स्व-गणना की अंतिम तिथि 31 मई 2025 ; फील्ड कार्य 1 से 30 जून तक।
25 राज्यों में अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार स्व-गणना पूरी कर चुके हैं।
यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है; प्रगणक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन से डेटा एकत्र कर रहे हैं।
प्रश्नावली में 33 अधिसूचित प्रश्न शामिल हैं, जो आवास, परिवार, सुविधाएँ और संपत्ति से जुड़े हैं।

गुजरात में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना सुविधा का औपचारिक आगाज़ 18 मई 2025 को हो गया, जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वयं और अपने परिवार का विवरण जनगणना पोर्टल पर दर्ज कर इस डिजिटल अभियान की शुरुआत की। राज्य के नागरिकों से 31 मई 2025 तक की निर्धारित समयसीमा के भीतर स्व-गणना पूरी करने का आग्रह किया गया है।

स्व-गणना की समयसीमा और प्रक्रिया

गुजरात में स्व-गणना की सुविधा 31 मई 2025 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 जून से 30 जून तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य संचालित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 33 अधिसूचित प्रश्नों वाली प्रश्नावली के ज़रिए आवासीय स्थिति, पारिवारिक विवरण, उपलब्ध सुविधाएँ और संपत्ति संबंधी जानकारी एकत्र की जा रही है।

पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना

जनगणना 2027 देश के इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यमों के साथ आयोजित की जा रही है। फील्ड विजिट के दौरान प्रगणक (सर्वे अधिकारी) एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए डेटा डिजिटल रूप से एकत्र कर रहे हैं। साथ ही, व्यापक और सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया भी जारी रहेगी।

राष्ट्रीय स्तर पर उत्साहजनक प्रतिक्रिया

स्व-गणना सुविधा को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 25 राज्यों में अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार सरकारी पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। यह पहल जनगणना प्रक्रिया के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डेटा का महत्व और उपयोग

एकत्र किया जा रहा यह डेटा साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण और कल्याण व विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधार प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री पटेल ने नागरिकों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और एक सशक्त व समावेशी भारत के निर्माण में योगदान दें। गौरतलब है कि यह जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हुई 2021 की जनगणना के बाद पहली बार हो रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती डिजिटल खाई को पाटना है — ग्रामीण और वंचित तबकों तक पहुँच सुनिश्चित किए बिना स्व-गणना के आँकड़े अधूरे रहेंगे। 25 राज्यों में 1.44 करोड़ परिवारों की भागीदारी उत्साहजनक है, पर भारत में कुल परिवारों की संख्या को देखते हुए यह अभी भी एक छोटा अंश है। मुख्यमंत्री का स्वयं फॉर्म भरना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, किंतु नीति-निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि डेटा की गुणवत्ता और समावेशिता पर कोई समझौता न हो।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनगणना 2027 में स्व-गणना क्या है और यह कैसे करें?
स्व-गणना वह सुविधा है जिसमें नागरिक स्वयं सरकारी जनगणना पोर्टल पर जाकर अपने और अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। गुजरात में यह सुविधा 18 मई से 31 मई 2025 तक उपलब्ध है।
गुजरात में जनगणना 2027 की स्व-गणना की अंतिम तिथि क्या है?
गुजरात में स्व-गणना की अंतिम तिथि 31 मई 2025 है। इसके बाद 1 जून से 30 जून तक फील्ड अधिकारी घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य करेंगे।
जनगणना 2027 पहले की जनगणनाओं से कैसे अलग है?
जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें स्व-गणना का ऑनलाइन विकल्प दिया गया है और प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए डेटा एकत्र कर रहे हैं। पारंपरिक घर-घर गणना भी साथ-साथ जारी रहेगी।
जनगणना 2027 में कौन-सी जानकारी माँगी जा रही है?
33 अधिसूचित प्रश्नों वाली प्रश्नावली के ज़रिए आवासीय स्थिति, पारिवारिक विवरण, उपलब्ध सुविधाएँ और परिवार की संपत्ति से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है। यह डेटा सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में काम आएगा।
अब तक देश में कितने परिवारों ने जनगणना 2027 की स्व-गणना पूरी की है?
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, 25 राज्यों में अब तक 1.44 करोड़ से अधिक परिवार सरकारी पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना पूरी कर चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
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