महाराष्ट्र जनगणना 2026: 1 मई से स्व-गणना चरण शुरू, भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनसंख्या गणना

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महाराष्ट्र जनगणना 2026: 1 मई से स्व-गणना चरण शुरू, भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनसंख्या गणना

सारांश

भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना महाराष्ट्र से 1 मई 2026 को शुरू हो रही है — 2011 के बाद पहली बार। 2.64 लाख फील्ड कर्मी, मोबाइल ऐप, ऑनलाइन पोर्टल और 11 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर — यह जनगणना तकनीक और प्रशासन दोनों के लिहाज़ से एक नई शुरुआत है।

Key Takeaways

महाराष्ट्र में जनगणना 2026 का स्व-गणना चरण 1 से 15 मई 2026 तक चलेगा। घर-घर जनगणना 16 मई से 14 जून 2026 तक होगी। लगभग 2.64 लाख फील्ड कर्मी और 10% आरक्षित कर्मचारी तैनात किए जाएँगे। ऑनलाइन फॉर्म भरने पर ' H ' से शुरू होने वाला 11 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर जनरेट होगा। नागरिकों को केवल ' RGICEN ' कीवर्ड वाले एसएमएस का जवाब देने की सलाह। जिलों और तालुकों की सीमाएँ 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक स्थिर रखी गई हैं।

महाराष्ट्र में जनगणना 2026 का स्व-गणना चरण 1 मई 2026 से शुरू होगा — यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनसंख्या गणना प्रक्रिया की ऐतिहासिक शुरुआत होगी। मुंबई में 30 अप्रैल 2026 को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र की मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं जनगणना संचालन निदेशक निरुपमा डांगे ने इसकी विस्तृत जानकारी दी।

स्व-गणना चरण: तारीखें और प्रक्रिया

स्व-गणना की प्रक्रिया 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षित जनगणना कर्मी प्रत्येक घर का सर्वेक्षण करेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें और केवल उन्हीं एसएमएस का जवाब दें जिनमें 'RGICEN' कीवर्ड हो।

डिजिटल प्रणाली और तकनीकी ढाँचा

निरुपमा डांगे के अनुसार, यह प्रक्रिया एक व्यापक डिजिटल शासन प्रणाली की ओर बदलाव का हिस्सा है। रियल टाइम डेटा कलेक्शन, बेहतर सटीकता और कुशल निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और एक ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद 'H' अक्षर से शुरू होने वाला 11 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर जनरेट होगा, जिसे सत्यापन के लिए जनगणना कर्मियों के साथ साझा करना अनिवार्य होगा। व्यापक पर्यवेक्षण और डेटा प्रबंधन के लिए जनगणना निगरानी और प्रबंधन प्रणाली पोर्टल का भी उपयोग किया जाएगा।

प्रशासनिक तैयारियाँ

जनगणना प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य ने 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक जिलों, तालुकों, शहरों और गाँवों की सीमा रेखाओं को स्थिर कर दिया है। इस निर्णय को 15 जुलाई 2025 को एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर औपचारिक रूप दिया गया था। इसके अलावा 26 फरवरी 2026 को एक और अधिसूचना जारी कर जनगणना गतिविधियों के कार्यान्वयन की नींव रखी गई।

मैदानी कर्मियों की तैनाती

अधिकारियों के अनुसार, लगभग 2.64 लाख फील्ड कर्मियों की एक टीम — जिसमें गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक शामिल हैं — संरचित प्रशिक्षण के बाद तैनात की जाएगी। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत आरक्षित कर्मचारी भी रखे जाएँगे। जनगणना पूर्वनिर्धारित मानचित्रों का उपयोग करते हुए झुग्गी-झोपड़ी और गैर-झुग्गी-झोपड़ी दोनों क्षेत्रों में की जाएगी।

प्रवासी आबादी की गणना

प्रवासी आबादी की गणना उनके कार्यस्थल पर जनगणना मानदंडों के अनुसार वास्तविक पद्धति से की जाएगी — यह एक महत्त्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि महाराष्ट्र में देश के सबसे बड़े प्रवासी श्रमिक समुदायों में से एक निवास करता है। गौरतलब है कि भारत में अंतिम जनगणना 2011 में हुई थी और 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित हो गई थी। यह डिजिटल जनगणना उस लंबे अंतराल को पाटने की दिशा में एक अहम कदम है।

Point of View

लेकिन असली चुनौती तकनीकी पहुँच की है। महाराष्ट्र के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुँच अभी भी सीमित है, जिससे स्व-गणना का बोझ उन्हीं वर्गों पर पड़ सकता है जो पहले से ही सरकारी योजनाओं की पहुँच से बाहर हैं। 2.64 लाख फील्ड कर्मियों की तैनाती आश्वस्त करती है, लेकिन डेटा की गुणवत्ता और प्रवासी श्रमिकों की सटीक गणना — जो पिछली जनगणनाओं में भी विवादास्पद रही है — इस बार भी परीक्षा की असली कसौटी होगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र जनगणना 2026 का स्व-गणना चरण क्या है?
यह जनगणना का वह चरण है जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करते हैं। यह चरण 1 से 15 मई 2026 तक चलेगा और यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनसंख्या गणना प्रक्रिया का हिस्सा है।
स्व-गणना के बाद घर-घर जनगणना कब होगी?
घर-घर जनगणना 16 मई से 14 जून 2026 तक होगी, जिसमें प्रशिक्षित जनगणना कर्मी प्रत्येक घर का सर्वेक्षण करेंगे। स्व-गणना में भाग लेने वाले नागरिकों को अपना 11 अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर कर्मियों के साथ साझा करना होगा।
जनगणना के दौरान साइबर धोखाधड़ी से कैसे बचें?
अधिकारियों ने सलाह दी है कि नागरिक केवल आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें और केवल उन्हीं एसएमएस का जवाब दें जिनमें 'RGICEN' कीवर्ड हो। किसी अन्य लिंक या संदेश पर भरोसा न करें।
महाराष्ट्र जनगणना 2026 में कितने फील्ड कर्मी तैनात होंगे?
लगभग 2.64 लाख फील्ड कर्मी — जिनमें गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक शामिल हैं — संरचित प्रशिक्षण के बाद तैनात किए जाएँगे। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत आरक्षित कर्मचारी भी रखे जाएँगे।
प्रवासी मज़दूरों की जनगणना कैसे होगी?
प्रवासी आबादी की गणना उनके कार्यस्थल पर जनगणना मानदंडों के अनुसार वास्तविक पद्धति से की जाएगी। यह उन लाखों श्रमिकों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है जो महाराष्ट्र के शहरों में काम करते हैं लेकिन मूल रूप से अन्य राज्यों के निवासी हैं।
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