मध्य प्रदेश एविएशन में राष्ट्रीय मॉडल बनने की राह पर, CM मोहन यादव ने दिए बड़े निर्देश
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सारांश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एविएशन को राज्य के विकास का मुख्य स्तंभ घोषित किया है। उज्जैन एयरपोर्ट, हेली टूरिज्म और रीवा से बढ़ती उड़ानें — यह सब मिलकर एक बड़ी तस्वीर बना रहे हैं। रीवा में 70-85% ऑक्यूपेंसी दर यह साबित करती है कि मध्य भारत में हवाई यात्रा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
Key Takeaways
CM मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2026 को भोपाल में एविएशन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उभरते महानगरीय क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में हेलीपैड निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उज्जैन एयरपोर्ट 95 एकड़ में विकसित हो रहा है; नियोजित रनवे लंबाई 2,700 मीटर , कुल विकास सीमा 4,100 मीटर । पिछले छह महीनों में रीवा से लगभग 24,000 यात्रियों ने हवाई सेवाओं का उपयोग किया। रीवा की उड़ानों पर ऑक्यूपेंसी दर 70 से 85 प्रतिशत के बीच है। मध्य प्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी, 2025 के परिणाम सामने आने लगे हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को भोपाल में एविएशन विभाग की समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य विमानन क्षेत्र में एक राष्ट्रीय रोल मॉडल के रूप में उभरना है। उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और रोज़गार सृजन में एविएशन की भूमिका को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री का विज़न और निर्देश
अपने कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा,
Point of View
लेकिन 'राष्ट्रीय मॉडल' का दावा तभी सार्थक होगा जब उज्जैन एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएँ तय समयसीमा में पूरी हों — जो भारतीय बुनियादी ढाँचे में अक्सर चुनौती बनती है। रीवा की 70-85% ऑक्यूपेंसी दर ज़रूर उत्साहजनक संकेत है, पर यह सब्सिडी-समर्थित मार्गों पर है; असली परीक्षा तब होगी जब आर्थिक सहायता हटने के बाद भी यात्री संख्या बनी रहे। 'पीएम श्री हेली टूरिज्म सेवा' और NEP-आधारित एविएशन पाठ्यक्रम जैसी पहलें दिशा सही है, लेकिन क्रियान्वयन की गति और निजी क्षेत्र की भागीदारी की गुणवत्ता ही तय करेगी कि यह विज़न महज़ घोषणा बनकर रहता है या असल बदलाव लाता है।
NationPress
30/04/2026
Frequently Asked Questions
मध्य प्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी 2025 क्या है?
मध्य प्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी, 2025 फरवरी 2025 में लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाना, हेली-सेवाओं का विस्तार करना और एविएशन बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, इस नीति के परिणाम अब दिखने लगे हैं।
उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना की क्या स्थिति है?
उज्जैन एयरपोर्ट 95 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 2,700 मीटर की नियोजित रनवे लंबाई और 4,100 मीटर की कुल विकास सीमा है। CM यादव ने अधिकारियों को सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
रीवा में हवाई यात्रा की स्थिति कैसी है?
पिछले छह महीनों में रीवा से लगभग 24,000 यात्रियों ने हवाई सेवाओं का उपयोग किया है। रीवा से दिल्ली, रायपुर और इंदौर के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं, जिनमें ऑक्यूपेंसी दर 70 से 85 प्रतिशत के बीच है।
पीएम श्री हेली टूरिज्म सेवा क्या है और इसे क्यों शुरू किया जा रहा है?
'पीएम श्री हेली टूरिज्म सेवा' मध्य प्रदेश में धार्मिक और हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित हेलीकॉप्टर सेवा है। CM यादव ने इसे चालू करने का आह्वान किया है ताकि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुँच आसान हो सके।
मध्य प्रदेश एविएशन क्षेत्र में युवाओं के लिए क्या अवसर होंगे?
CM यादव ने उच्च शिक्षा संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत एविएशन से जुड़े रोज़गार-उन्मुख पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एविएशन सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित पायलटों और कुशल कर्मचारियों की माँग बढ़ेगी, जिससे राज्य के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।