मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल: CM मोहन यादव ने 27 हजार श्रमिक परिवारों को ₹600 करोड़ अंतरित किए
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 अप्रैल 2025 को भोपाल स्थित मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों को ₹600 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल को और अधिक प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
संबल योजना का विस्तार और गिग वर्कर्स को लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अब संबल योजना का लाभ मिल रहा है। इसमें विभिन्न उपभोक्ता सामग्री पहुँचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3,529 गिग वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिए श्रम विभाग की सराहना की।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में गिग इकॉनमी तेज़ी से बढ़ रही है और इन कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की माँग लंबे समय से उठ रही है। गौरतलब है कि संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी और अब तक 1 करोड़ 83 लाख श्रमिक इससे जुड़ चुके हैं।
श्रम स्टार रेटिंग: क्या है यह पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का मूल्यांकन किया जाएगा। श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्रतिष्ठानों को इस रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। अब तक 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस व्यवस्था को अपनाया है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों और श्रम संगठनों से भी अपील की कि जिस प्रतिष्ठान से वे खरीदारी करें, वहाँ श्रम स्टार रेटिंग लागू करने को प्रोत्साहित करें।
केंद्र की 4 नई श्रम संहिताएँ और राज्य की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर उन्हें लागू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिक हित में लागू योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
संबल योजना की उपलब्धियाँ और श्रेष्ठ जिले
श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि संबल योजना के तहत अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में ₹7,720 करोड़ से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन जिलों की तर्ज पर अन्य जिलों से भी सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव एम. रघुराज तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के अपर सचिव संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर मंगलकामनाएँ भी दीं। आने वाले समय में श्रम स्टार रेटिंग को और अधिक उद्योगों तक विस्तारित करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।