जनगणना 2027: गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च की ऑनलाइन स्वगणना, 17 से 31 मई तक भरें फॉर्म
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 17 मई 2026 को गांधीनगर में जनगणना 2027 के लिए देश की पहली डिजिटल स्वगणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं अपने परिवार की जानकारी आधिकारिक जनगणना पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करके राज्यवासियों को इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
स्वगणना प्रक्रिया: क्या है और कैसे करें
राज्य सरकार के अनुसार, जनगणना 2027 भारत के इतिहास में पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। नागरिक 17 मई से 31 मई 2026 के बीच आधिकारिक जनगणना वेब पोर्टल और मोबाइल प्लेटफॉर्म के ज़रिए अपनी जानकारी घर बैठे जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रणाली सुरक्षित, सरल और सुविधाजनक तरीके से तैयार की गई है, जिसमें गाइडलाइन और निर्देश भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पोर्टल पर अपनी जानकारी भरने के बाद कहा कि नागरिकों को इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और 'मजबूत, समावेशी तथा विकसित भारत' के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने सभी से 31 मई की समय सीमा से पहले सही जानकारी जमा करने का आग्रह किया।
आगे का कार्यक्रम: हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन
स्वगणना चरण के बाद 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे गुजरात में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन चलाया जाएगा। यह कार्य 1 लाख से अधिक जनगणना कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय जनगणना अभियान के तहत किया जाएगा। इस तरह डिजिटल और पारंपरिक दोनों माध्यमों का समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
प्रशासनिक तैयारी
कार्यक्रम के दौरान राज्य जनगणना संचालन निदेशक सुजल मायात्रा ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया और राज्य में जनगणना की तैयारियों तथा गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। यह आयोजन गुजरात को डिजिटल जनगणना में अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश में जनगणना 2021 से लंबित है — कोविड-19 महामारी और अन्य कारणों से इसे बार-बार टाला जाता रहा है। गौरतलब है कि जनगणना के आँकड़े सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन के लिए आधारभूत दस्तावेज़ होते हैं। डिजिटल स्वगणना से न केवल प्रक्रिया तेज़ होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ने की उम्मीद है।