रक्षाबंधन पर CM भूपेंद्र पटेल को राखी बांधी महिलाओं ने, गुजरात में सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को 27 अगस्त 2026 को गांधीनगर के लोक भवन में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों और समुदायों की महिलाओं ने राखी बांधी। इस विशेष समारोह में राज्यभर की सामाजिक एवं चैरिटेबल संस्थाओं की प्रतिनिधि महिलाएं शामिल हुईं और मुख्यमंत्री के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
समारोह में किसने लिया हिस्सा
लोक भवन में आयोजित इस रक्षाबंधन कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़, दिव्यांग सेवा संगठनों और अनेक सामाजिक-चैरिटेबल संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने परंपरागत रीति से मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा, गांधीनगर की मेयर मीराबेन पटेल, और विधायक रीताबेन पटेल, निमिषाबेन सुथार तथा पायलबेन कुकराणी भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वर्षाबेन दोशी, राज्य BJP महिला मोर्चा की अध्यक्ष अंजुबेन वेकारिया और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी समारोह में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने समारोह में उपस्थित सभी महिलाओं का हार्दिक स्वागत किया और उनका आशीर्वाद तथा शुभकामनाएं स्वीकार कीं। उन्होंने पूरे गुजरात में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई।
रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश
रक्षाबंधन पारंपरिक रूप से भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव है, जिसमें बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं — यह प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। इस वर्ष गांधीनगर में आयोजित इस समारोह ने इस परंपरा को सामाजिक समावेश और महिला सशक्तिकरण के व्यापक संदेश से जोड़ा, जहाँ विभिन्न समुदायों और संगठनों की महिलाएं एकजुट होकर राज्य के प्रमुख के साथ यह पर्व मनाने पहुँचीं।
आगे की दिशा
यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब गुजरात सरकार महिला-केंद्रित नीतियों और योजनाओं पर विशेष ज़ोर दे रही है। मुख्यमंत्री की इस सार्वजनिक प्रतिबद्धता को महिला संगठनों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा है और उम्मीद जताई है कि राज्य में महिला सुरक्षा व विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।