क्या सादगी और आत्मविश्वास ही असली सफलता है? : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

सारांश
Key Takeaways
- शिक्षा और कौशल विकास की आवश्यकता
- महिला सशक्तीकरण के लिए सम्मान जरूरी है
- दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता
- सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना
- आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा
लखनऊ, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को सरस्वती बालिका विद्यालय, सूर्यकुंड गोरखपुर की 12 प्रतिभाशाली छात्राओं से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज में एक सशक्त पहचान शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से ही स्थापित होती है।
इस अवसर पर छात्राओं ने बालिकाओं की उन्नति, कौशल विकास, नारी वंदन अधिनियम, राजनीति में युवाओं की भागीदारी, उच्च शिक्षा की बढ़ती फीस और सामाजिक कुरीतियों पर प्रश्न पूछे।
राज्यपाल ने प्रत्येक प्रश्न का सहजता से उत्तर देते हुए कहा कि बेटियों और माताओं को सम्मान मिलना ही असली महिला सशक्तीकरण की कुंजी है।
उन्होंने छात्राओं से दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की छात्रवृत्ति, कम शुल्क पर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप योजनाओं की जानकारी दी।
राज्यपाल ने 'लखपति दीदी' और 'ड्रोन दीदी' जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत लक्ष्य को पूरा करना युवाओं की जिम्मेदारी है। अगर सभी मिलकर आगे बढ़ें तो भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है।
मुलाकात के दौरान छात्राओं ने राज्यपाल को स्वयं बनाए हुए स्केच और भजन प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने भी छात्राओं को राजभवन से प्रकाशित पुस्तकें भेंट कीं।