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कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी विवाद पर दी प्रतिक्रिया, खेल को धर्म से न जोड़ने की अपील

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कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी विवाद पर दी प्रतिक्रिया, खेल को धर्म से न जोड़ने की अपील

सारांश

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने के विवाद पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि खेल को हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए और इसे धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए।

मुख्य बातें

खेल को हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए।
धर्मनिरपेक्षता का महत्व इस विवाद में स्पष्ट है।
नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा आवश्यक है।
विरोध को लोकतंत्र की ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने मंगलवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने के विवाद पर अपनी टिप्पणी साझा की। सुखदेव भगत ने कहा कि पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने देश के लिए विश्व कप जीता था। कीर्ति आजाद एक प्रतिष्ठित सांसद हैं और उनके उठाए गए मुद्दे चिंताजनक हैं।

सुखदेव भगत ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "खेल को हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए। जब देश जीतता है, तो यह पूरे भारत की विजय होती है। यह किसी एक समुदाय, समूह या व्यक्ति की सफलता नहीं होती।"

वास्तव में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कीर्ति आजाद ने गौतम गंभीर और जय शाह की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अहमदाबाद के एक हिंदू मंदिर में ले जाना उचित नहीं है। कीर्ति आजाद का कहना था कि यह ट्रॉफी एक धर्मनिरपेक्ष देश का प्रतीक है, न कि किसी एक धर्म का। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1983 की विश्व कप विजेता भारतीय टीम विभिन्न समुदायों के खिलाड़ियों से मिलकर बनी थी।

सुखदेव भगत ने कहा कि जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है। समाज को अलग-अलग पहचान के आधार पर विभाजित करने की कोशिश की जा रही है।

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के सांसद अरुण भारती के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यह एनडीए का आंतरिक मामला है, लेकिन लोकतंत्र में संख्या का महत्व बहुत ज्यादा होता है।

उन्होंने कहा, "जब ऐसी बातें बिना जरूरी संख्या के सामने आती हैं, तो यह अजीब लगती हैं। एनडीए के सहयोगियों को इस पर गौर करना चाहिए। यदि छोटी-छोटी पार्टियां भी ऐसे बयान देने लगें और उन पर नियंत्रण न हो, तो यह हास्यास्पद लगता है।" दरअसल, अरुण भारती ने कहा था कि वे चिराग पासवान को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर सुखदेव भगत ने कहा कि वर्तमान में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था, संभावित ऊर्जा संकट और वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा आवश्यक है। उस क्षेत्र में लगभग 80 से 85 लाख भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सुखदेव भगत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना एक स्वस्थ परंपरा है। उन्होंने भाजपा को याद दिलाया कि जब मनमोहन सिंह की सरकार थी तब भाजपा ने भी विरोध प्रदर्शन किए थे, विशेषकर कॉमनवेल्थ गेम्स के समय।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल गए थे तो वहां भी कुछ लोगों ने कार्यक्रम से वॉकआउट किया था। इसीलिए विरोध को लोकतंत्र की ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान-इजरायल संघर्ष पर दिए बयान को लेकर भी सुखदेव भगत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हमला या युद्ध नहीं हो सकता।

सुखदेव भगत ने कहा, "हमला कभी भी अच्छा कदम नहीं हो सकता। पक्षों के बीच हमेशा बातचीत और संवाद होना चाहिए। युद्ध खुद एक समस्या है और वह किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सुखदेव भगत ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी विवाद पर अपने विचार साझा किए?
हाँ, सुखदेव भगत ने कहा कि खेल को हमेशा खेल भावना से खेला जाना चाहिए और इसे धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए।
कीर्ति आजाद ने किस मुद्दे पर आलोचना की थी?
कीर्ति आजाद ने टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को मंदिर ले जाने की आलोचना की थी।
सुखदेव भगत का क्या कहना है एनडीए के सहयोगियों पर?
उन्होंने कहा कि एनडीए के सहयोगियों को बिना जरूरी संख्या के बयान देने पर ध्यान देना चाहिए।
सुखदेव भगत ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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