28 अगस्त 2026
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मनोज जरांगे के मुंबई प्रदर्शन पर रोक की मांग, वकील गुणरत्न सदावर्ते ने आजाद मैदान थाने में दी शिकायत

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मनोज जरांगे के मुंबई प्रदर्शन पर रोक की मांग, वकील गुणरत्न सदावर्ते ने आजाद मैदान थाने में दी शिकायत

सारांश

वकील गुणरत्न सदावर्ते ने मनोज जरांगे पाटिल के मुंबई प्रदर्शन को अनुमति न देने और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की माँग करते हुए आजाद मैदान थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पिछले आंदोलनों में हिंसा और कथित धमकियों का हवाला दिया और मुंबई की आर्थिक राजधानी की स्थिति की रक्षा का आह्वान किया।

मुख्य बातें

वकील गुणरत्न सदावर्ते ने 28 अगस्त को आजाद मैदान पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई प्रदर्शन को अनुमति न देने और गिरफ्तारी की माँग की गई।
सदावर्ते ने रेल पटरियाँ उखाड़ने व हवाई अड्डे को नुकसान पहुँचाने की कथित धमकियों का हवाला दिया।
जरांगे के आंदोलन के पीछे राजनीतिक हित होने का आरोप लगाया गया।
हिंदी भाषी ऑटो-टैक्सी चालकों के विरुद्ध किसी भी हिंसा पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भाषाई तटस्थता के रुख का सदावर्ते ने समर्थन किया।

वकील गुणरत्न सदावर्ते ने 28 अगस्त को आजाद मैदान पुलिस थाने, मुंबई में औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर पुलिस से मांग की है कि मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई प्रदर्शन को अनुमति न दी जाए और उनके विरुद्ध संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। सदावर्ते ने मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बताते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन के नाम पर शहर की व्यवस्था को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है।

शिकायत में क्या आरोप लगाए गए

सदावर्ते ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जरांगे की ओर से पूर्व में कथित तौर पर रेल पटरियाँ उखाड़ने, हवाई अड्डे को नुकसान पहुँचाने और मुख्यमंत्री आवास को निशाना बनाने जैसी धमकियाँ दी जा चुकी हैं। उन्होंने माँग की कि इस प्रकार की भाषा को गंभीरता से लेते हुए आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

सदावर्ते के अनुसार, पिछले आंदोलनों के दौरान पुलिसकर्मियों और सरकारी व निजी वाहनों को नुकसान पहुँचाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि इन मामलों में जरांगे की भूमिका प्रमाणित होती है, तो उन्हें आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

मुंबई आगमन पर कानूनी सवाल

सदावर्ते ने बताया कि जरांगे ने एक पत्र के माध्यम से मुंबई आने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार मुंबई आकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने पुलिस से माँग की कि प्रस्तावित आंदोलन के लिए अनुमति न दी जाए और कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल कदम उठाए जाएँ।

राजनीतिक हित का आरोप

सदावर्ते ने यह भी आरोप लगाया कि जरांगे के आंदोलन के पीछे राजनीतिक स्वार्थ काम कर रहे हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गैर-मराठा पृष्ठभूमि को लेकर राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र में लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है।

हिंदी भाषी चालकों के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया

सदावर्ते ने हिंदी भाषी ऑटो और टैक्सी चालकों को लेकर अमित ठाकरे की कथित टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मुंबई किसी की निजी संपत्ति नहीं है और भाषा के आधार पर किसी भी चालक को प्रताड़ित करना कानूनन अस्वीकार्य है।

सदावर्ते ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें भाषा के नाम पर किसी को परेशान न करने की बात कही गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ऑटो या टैक्सी चालक के साथ मारपीट होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। आने वाले दिनों में पुलिस की प्रतिक्रिया और जरांगे के अगले कदम पर सबकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मराठा आरक्षण विमर्श की उस व्यापक जटिलता को उजागर करती है जहाँ हर पक्ष 'कानून-व्यवस्था' की भाषा अपने पक्ष में इस्तेमाल करता है। जरांगे के आंदोलन पर राजनीतिक हित के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछती कि पिछले आंदोलनों में हिंसा के मामलों में अब तक कितनी एफआईआर दर्ज हुईं और उनका क्या हुआ। भाषाई विवाद को इस राजनीतिक संघर्ष से जोड़ना मुंबई की बहुलवादी पहचान पर दबाव का संकेत है, जिसे नज़रअंदाज़ करना महंगा पड़ सकता है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुणरत्न सदावर्ते ने मनोज जरांगे के खिलाफ क्या शिकायत दर्ज कराई?
वकील गुणरत्न सदावर्ते ने 28 अगस्त को आजाद मैदान पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराकर माँग की कि मनोज जरांगे पाटिल के प्रस्तावित मुंबई प्रदर्शन को अनुमति न दी जाए और उनके विरुद्ध आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पिछले आंदोलनों में हिंसा और कथित धमकियों का हवाला दिया।
मनोज जरांगे पाटिल का मुंबई प्रदर्शन क्यों विवादास्पद है?
जरांगे पाटिल मराठा आरक्षण की माँग को लेकर मुंबई में प्रदर्शन करना चाहते हैं। सदावर्ते जैसे आलोचकों का कहना है कि पूर्व आंदोलनों में हिंसा हुई थी और आर्थिक राजधानी की व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सदावर्ते ने हिंदी भाषी टैक्सी चालकों के मुद्दे पर क्या कहा?
सदावर्ते ने अमित ठाकरे की कथित टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि मुंबई किसी की निजी जागीर नहीं है और भाषा के आधार पर किसी भी ऑटो या टैक्सी चालक को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भाषाई तटस्थता के रुख का समर्थन किया।
क्या जरांगे पाटिल के आंदोलन पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप है?
हाँ, सदावर्ते ने आरोप लगाया कि जरांगे के आंदोलन के पीछे राजनीतिक स्वार्थ काम कर रहे हैं और कुछ विपक्षी नेता मुख्यमंत्री की गैर-मराठा पृष्ठभूमि को लेकर राजनीतिक माहौल बना रहे हैं। हालाँकि, यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने सदावर्ते की शिकायत पर क्या कदम उठाए?
फिलहाल पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। शिकायत 28 अगस्त को दर्ज कराई गई है और आगे की कार्रवाई प्रतीक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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