पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव: दीपेंद्र हुड्डा ने किया एनएसयूआई के लिए प्रचार, एबीवीपी को हटाने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ पहुँचकर नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के पक्ष में ज़ोरदार चुनावी प्रचार किया। इस मौके पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी उनके साथ मौजूद रहे। हुड्डा ने दावा किया कि आगामी छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को पूरी तरह बाहर का रास्ता दिखाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
मीडिया से बातचीत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, 'पंजाब यूनिवर्सिटी में माहौल ऐसा है कि यहाँ के सभी छात्रों ने फैसला कर लिया है कि आने वाले छात्र संघ के चुनाव में एनएसयूआई के पैनल पर आने वाले हर उम्मीदवार को जिताकर, जो लाठियाँ छात्रों ने दिल्ली में झेलीं और पूरे देश में जो स्टूडेंट्स परेशानी झेल रहे हैं, उसका बदला लिया जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी से एबीवीपी को साफ किया जाएगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पिछले दो दिनों से विश्वविद्यालय के छात्रों से सीधे संवाद कर रहे हैं, जो इस चुनाव को राष्ट्रीय संगठन की प्राथमिकता सूची में रखे जाने का स्पष्ट संकेत है।
पंजाब चुनाव से जोड़ा संदेश
हुड्डा ने पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र चुनाव को व्यापक राजनीतिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के छात्र यहाँ पढ़ने आते हैं, इसलिए यहाँ का संदेश दूर तक जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का बिगुल एनएसयूआई ही फूंकेगी।
शिक्षा व्यवस्था पर निशाना
कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्होंने स्वयं कुछ समय पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण की है और आज विश्वविद्यालय का बुनियादी ढाँचा बदहाल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। उनके अनुसार, छात्रों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
विनोद जाखड़ और सुमित शर्मा की भूमिका
हुड्डा ने विनोद जाखड़ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले राजस्थान की धरती से एक संघर्षशील छात्र नेता की पहचान बनाई। उन्होंने सुमित शर्मा सहित पूरी एनएसयूआई टीम को बधाई दी और कहा कि इस टीम के जुड़ने से संगठन और मज़बूत होगा।
आगे क्या
पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव नज़दीक हैं और एनएसयूआई तथा एबीवीपी के बीच सीधा मुकाबला अपेक्षित है। कांग्रेस इस चुनाव को पंजाब की राजनीतिक ज़मीन तैयार करने के नज़रिए से देख रही है। परिणाम उत्तर भारत में छात्र राजनीति की दिशा पर असर डाल सकते हैं।