लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने संभाला भारतीय सेना के उप प्रमुख का पदभार, चार दशक का अनुभव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने 1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (उप सेना प्रमुख) का पदभार ग्रहण किया। लगभग चार दशक के सैन्य करियर में अर्जित व्यापक परिचालन और रणनीतिक अनुभव के साथ वे इस महत्वपूर्ण पद पर आसीन हुए हैं। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना आधुनिकीकरण और थिएटर कमांड सुधारों की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
सैन्य पृष्ठभूमि और करियर की शुरुआत
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के पूर्व छात्र हैं और उन्हें जून 1988 में प्रतिष्ठित महार रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त हुआ था। अपने सैन्य जीवन के आरंभ से ही उन्होंने कमांड, स्टाफ और परिचालन — तीनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट दक्षता का परिचय दिया। उन्होंने अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र में एक पैदल सेना बटालियन की कमान संभाली और ऑपरेशन पवन के दौरान श्रीलंका में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय और परिचालन अनुभव
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवाएँ दीं और दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक सेक्टर की कमान भी संभाली। इसके अतिरिक्त उन्होंने नियंत्रण रेखा और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कई बार तैनाती का अनुभव प्राप्त किया।
उन्होंने स्ट्राइक कोर के अंतर्गत एक इन्फैंट्री ब्रिगेड, एक आतंकवाद-रोधी बल तथा उत्तरी कमान में एक पिवट कोर का नेतृत्व किया। गौरतलब है कि यह विविध परिचालन अनुभव उन्हें पारंपरिक युद्ध से लेकर असममित संघर्ष तक की व्यापक समझ प्रदान करता है।
वरिष्ठ पदों पर योगदान
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने उत्तरी कमान के अंतर्गत एक कोर की कमान संभाली। इसके बाद वे दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किए गए, जहाँ उन्होंने सैन्य क्षमताओं के विकास, बल पुनर्गठन और परिचालन तैयारियों को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई। सेना कमांडर के रूप में पदोन्नति मिलने पर उन्होंने दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में भी सेवाएँ दीं।
शैक्षणिक योग्यता और सम्मान
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन ने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स पूरा किया है और केन्या में राष्ट्रीय रक्षा पाठ्यक्रम में भी भाग लिया है। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक तथा सेना पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
नियुक्ति का महत्व और आगे की राह
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना थिएटर कमांड की दिशा में सुधारों, तकनीकी उन्नयन और भविष्य की युद्ध चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दे रही है। व्यापक परिचालन अनुभव और सिद्ध नेतृत्व क्षमता के कारण लेफ्टिनेंट जनरल जैन से सेना की युद्धक तैयारियों और संगठनात्मक सुधारों को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।