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20 जुलाई 2026 पंचांग: अष्टमी पर शिव-कार्तिकेय पूजा शुभ, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक

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20 जुलाई 2026 पंचांग: अष्टमी पर शिव-कार्तिकेय पूजा शुभ, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक

सारांश

20 जुलाई 2026 के पंचांग में आषाढ़ शुक्ल अष्टमी तिथि, शिव योग और अभिजीत मुहूर्त का दुर्लभ संयोग बन रहा है। सोमवार को भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। दोपहर 12:06 से 12:59 बजे का अभिजीत मुहूर्त हर शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम रहेगा।

मुख्य बातें

20 जुलाई 2026 (सोमवार) को आषाढ़ शुक्ल सप्तमी सुबह 4:03 बजे तक, तत्पश्चात् अष्टमी तिथि प्रारंभ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल।
भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा इस दिन अत्यंत शुभ।
शिव योग शाम 6:37 बजे तक, उसके बाद सिद्धि योग आरंभ।
राहुकाल सुबह 7:18–9:01 बजे ; यमगंड 10:24–12:05 बजे ; गुलिक काल 2:10–3:53 बजे — इन समयों में नए कार्य वर्जित।
पूर्व दिशा में दिशाशूल ; सूर्य कर्क राशि व पुष्य नक्षत्र में, चंद्रमा कन्या राशि व हस्त नक्षत्र से चित्रा में।

20 जुलाई 2026 (सोमवार) को हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 4:03 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी। इस दिन भगवान शिव और कार्तिकेय की आराधना को विशेष रूप से शुभ माना गया है। दिन का सर्वश्रेष्ठ समय — अभिजीत मुहूर्त — दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:56 बजे और सूर्यास्त शाम 7:10 बजे होगा। चन्द्रोदय सुबह 11:34 बजे और चन्द्रास्त रात 11:19 बजे होगा। पंचांग के अनुसार, सूर्य इस दिन पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा। चंद्रमा शाम लगभग 6:39 से 7:09 बजे तक हस्त नक्षत्र में रहेगा, उसके पश्चात् चित्रा नक्षत्र में संचार करेगा।

योग और शुभ मुहूर्त

20 जुलाई को शिव योग शाम 6:37 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग आरंभ होगा। उल्लेखनीय है कि इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। अभिजीत मुहूर्त — जिसे दिन का सबसे शुभ काल माना जाता है — दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में राहुकाल या अन्य अशुभ काल की चिंता किए बिना कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार आरंभ किया जा सकता है।

अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड

परंपरागत ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल सुबह 7:18 बजे से 9:01 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 2:10 बजे से 3:53 बजे तक और यमगंड काल सुबह 10:24 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा।

ग्रह स्थिति और दिशाशूल

20 जुलाई (सोमवार) को सूर्य कर्क राशि में गोचर करेगा, जबकि चंद्रमा मुख्य रूप से कन्या राशि में संचार करेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा, अतः उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, ऐसे में अष्टमी तिथि के संयोग से यह दिन शिव-उपासकों के लिए विशेष महत्व रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अष्टमी, शिव योग और अभिजीत मुहूर्त — इसे सामान्य पंचांग से अलग बनाता है। हालाँकि ज्योतिषीय मान्यताएँ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं, पर सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से इनका महत्व करोड़ों हिंदू परिवारों की दिनचर्या को प्रभावित करता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20 जुलाई 2026 को कौन-सी तिथि है?
20 जुलाई 2026 (सोमवार) को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 4:03 बजे तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी।
20 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
20 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार बिना राहुकाल की चिंता किए आरंभ किया जा सकता है।
20 जुलाई 2026 को राहुकाल कब है?
20 जुलाई 2026 (सोमवार) को राहुकाल सुबह 7:18 बजे से 9:01 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल सुबह 10:24 से दोपहर 12:05 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 2:10 से 3:53 बजे तक रहेगा।
20 जुलाई 2026 को कौन-सा योग है?
20 जुलाई 2026 को शिव योग शाम 6:37 बजे तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद सिद्धि योग आरंभ होगा। इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा।
20 जुलाई 2026 को किस दिशा में दिशाशूल है?
20 जुलाई 2026 (सोमवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा से बचना चाहिए; यदि यात्रा अनिवार्य हो तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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