क्या रांची पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची ईडी की टीम? सुनवाई 16 जनवरी को होगी
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने राज्य पुलिस की कार्रवाई को चुनौती दी है।
- हाईकोर्ट में सुनवाई 16 जनवरी को होगी।
- मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।
- पुलिस और ईडी के बीच टकराव बढ़ रहा है।
- भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
रांची, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में मनी लॉन्ड्रिंग के एक आरोपी के साथ कथित तौर पर मारपीट के मामले ने गुरुवार को जोर पकड़ लिया। जहां एक ओर झारखंड पुलिस की टीम इस मामले की जांच के लिए ईडी कार्यालय पहुंची, वहीं दूसरी ओर ईडी ने राज्य पुलिस की इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
ईडी की ओर से दायर याचिका में पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की गई है। यह याचिका ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक द्वारा प्रस्तुत की गई है। गुरुवार को जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत में ईडी के अधिवक्ता एके दास और सौरव कुमार ने मौखिक रूप से कहा कि झारखंड में पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति दोहराई जा रही है, जहां ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर राज्य पुलिस जांच के नाम पर ईडी कार्यालय तक पहुंच गई है।
याचिका में एयरपोर्ट थाना में पीएचईडी कर्मी संतोष कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने और राज्य पुलिस की जांच पर रोक लगाने की मांग की गई है।
ईडी का आरोप है कि राज्य पुलिस जांच के बहाने भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर सकती है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित होगी।
यह ध्यान देने योग्य है कि राज्य में पेयजल स्वच्छता विभाग में 23 करोड़ के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संतोष कुमार ने रांची एयरपोर्ट थाने में ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसकी जांच के लिए रांची पुलिस की टीम गुरुवार को ईडी कार्यालय पहुंची। संतोष कुमार ने एफआईआर में आरोप लगाया कि 12 जनवरी 2026 को उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस दौरान ईडी अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत में कहा गया है कि ईडी कार्यालय में पूछताछ के दौरान उस पर आरोप स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। इनकार करने पर सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। घायल अवस्था में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सिर में छह टांके लगे।
मामले की जांच के तहत रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ईडी कार्यालय पहुंची और परिसर के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है। इस घटनाक्रम के बाद ईडी और राज्य पुलिस के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई है।