क्या रांची में ईडी दफ्तर में मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी के साथ मारपीट हुई?

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क्या रांची में ईडी दफ्तर में मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी के साथ मारपीट हुई?

सारांश

रांची में प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में मनी लॉन्ड्रिंग आरोपी संतोष कुमार के साथ हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। पुलिस की एक विशेष टीम जांच के लिए पहुंची है। क्या सच में ईडी के अधिकारियों ने ऐसा किया? जानिए इस घटना की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • संतोष कुमार ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
  • ईडी अधिकारियों का आरोपों को साजिश बताना।
  • संतोष के साथ जानलेवा हमला किया गया।
  • भाजपा ने मामले में राजनीतिक पहलू को उजागर किया।

रांची, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संतोष कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट और उसपर जानलेवा हमले की जांच के लिए रांची पुलिस के वरिष्ठ अफसरों की एक टीम गुरुवार सुबह ईडी के दफ्तर पहुंची। ईडी कार्यालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।

संतोष कुमार, जिसने ईडी के अधिकारियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए रांची के एयरपोर्ट थाने में एफआईआर दर्ज कराई है, वह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में एक क्लर्क के रूप में कार्यरत था और उसके खिलाफ विभाग में हुए 23 करोड़

संतोष, जो रांची के अपर चुटिया का निवासी है, ने एयरपोर्ट थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया कि 12 जनवरीगाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।

संतोष का कहना है कि मारपीट के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिससे उनका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने धमकी दी कि यदि वे मर भी जाते हैं तो किसी को फर्क नहीं पड़ेगा।

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि अस्पताल में उन्हें डॉक्टर को चोट लगने की वास्तविक वजह न बताने का दबाव बनाया गया। आरोपों के अनुसार, अस्पताल से लौटने के बाद उनकी खून से सनी टी-शर्ट उतरवाकर नया कपड़ा पहनाया गया और एक तथाकथित 'इंसिडेंट रिपोर्ट' पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए, जिसे पढ़ने तक का मौका नहीं दिया गया। साथ ही यह धमकी दी गई कि यदि घटना की जानकारी मीडिया, पुलिस या वकील को दी गई, तो उनकी पत्नी और बच्चों को जेल भेज दिया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ईडी कार्यालय पहुंची। ईडी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जबकि भीतर सदर डीएसपी और एयरपोर्ट थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।

वहीं, ईडी के अधिकारियों ने संतोष के आरोपों को साजिश करार दिया है। ईडी का दावा है कि संतोष को कोई समन नहीं भेजा गया था। वह खुद 12 जनवरी को ईडी कार्यालय पहुंचा था और उसने खुद शीशे की बोतल से अपने सिर पर चोट पहुंचाई।

ईडी के अनुसार, अधिकारियों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। ईडी ने इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने की बात कही है।

इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर आशंका जताई है कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में ईडी के पास मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा सकता है।

Point of View

बल्कि यह एक बड़ा सवाल भी उठाता है कि क्या हमें अपनी न्याय प्रणाली पर भरोसा है?
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या संतोष कुमार के आरोप सत्य हैं?
संतोष कुमार ने ईडी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच जारी है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
रांची पुलिस की एक विशेष टीम ईडी कार्यालय में पहुंची है और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
ईडी अधिकारियों का इस मामले पर क्या कहना है?
ईडी अधिकारियों ने आरोपों को साजिश करार दिया है।
क्या यह मामला उच्च न्यायालय तक जाएगा?
ईडी ने इस मामले में उच्च न्यायालय का रुख करने की बात कही है।
क्या इस मामले में कोई राजनीतिक पहलू है?
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने मामले में राजनीतिक छेड़छाड़ की आशंका जताई है।
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