14 अगस्त 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य में एडीएनओसी के दो टैंकरों पर हमला, यूएई ने ईरान की कड़ी निंदा की

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होर्मुज जलडमरूमध्य में एडीएनओसी के दो टैंकरों पर हमला, यूएई ने ईरान की कड़ी निंदा की

सारांश

होर्मुज जलडमरूमध्य में एडीएनओसी के दो टैंकरों पर हमला — यूएई ने ईरान को सीधे जिम्मेदार ठहराया और UNSC प्रस्ताव 2817 के उल्लंघन का आरोप लगाया। कोई हताहत नहीं, लेकिन वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरे की चेतावनी ने खाड़ी तनाव को नई ऊँचाई दी।

मुख्य बातें

एडीएनओसी के दो जहाजों पर 13 अगस्त 2026 की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला किया गया।
यूएई विदेश मंत्रालय ने ईरान की कड़ी निंदा की और हमले को UNSC प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया।
एडीएनओसी ने पुष्टि की कि कोई नाविक हताहत नहीं हुआ और स्थिति नियंत्रण में है।
यूएई ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त फिर से खोलने की माँग की।
मंत्रालय ने ईरान के IRGC पर समुद्री डकैती जैसे कृत्य का आरोप लगाया और इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

यूएई की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के दो जहाजों पर गुरुवार, 13 अगस्त 2026 की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया। स्थानीय अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार सुबह इस घटना की पुष्टि हुई। एडीएनओसी ने स्पष्ट किया कि किसी भी नाविक के हताहत होने की सूचना नहीं है और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है।

यूएई विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

यूएई के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक आधिकारिक बयान में ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इस हमले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताया — वह प्रस्ताव जो नेविगेशन की स्वतंत्रता की पुष्टि करता है और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा उत्पन्न करने को अस्वीकार्य ठहराता है।

मंत्रालय ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के हथियार के रूप में करना समुद्री डकैती के समान है।

यूएई की माँगें

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'यूएई ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान को इन बिना उकसावे के किए गए हमलों को रोकना चाहिए, सभी तरह की शत्रुता को तुरंत खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होना चाहिए और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के फिर से खोलना चाहिए।'

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा

यूएई के मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि यह घटना केवल द्विपक्षीय मसला नहीं है — यह क्षेत्र की स्थिरता, वहाँ के नागरिकों और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, जिससे इस जलमार्ग की रणनीतिक अहमियत असाधारण है।

एडीएनओसी ने अपने बयान में नाविकों की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनियों में से एक है और यूएई की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है।

घटना का विवरण अब भी अधूरा

रिपोर्टों के अनुसार, अभी तक हमले में शामिल विशिष्ट जहाजों की पहचान और हमलों से हुए नुकसान की सीमा का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर बना हुआ है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया इस घटनाक्रम की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या बहुपक्षीय ढाँचा ईरान के व्यवहार को वास्तव में बदल सकता है। जब तक होर्मुज की नाकेबंदी को ईरान एक भू-राजनीतिक हथियार मानता रहेगा, तब तक वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी — और इसका सबसे बड़ा बोझ उन देशों पर पड़ेगा जो खाड़ी तेल पर निर्भर हैं, जिनमें भारत भी शामिल है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज जलडमरूमध्य में एडीएनओसी के जहाजों पर हमला कब और कैसे हुआ?
13 अगस्त 2026 की शाम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय एडीएनओसी के दो जहाजों पर हमला किया गया। स्थानीय अधिकारियों और मीडिया ने शुक्रवार सुबह इसकी पुष्टि की; हमले के विशिष्ट तरीके और जहाजों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
यूएई ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?
यूएई के विदेश मंत्रालय ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर समुद्री डकैती जैसे कृत्य का आरोप लगाया है। मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के हथियार के रूप में करना UNSC प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन है।
क्या इस हमले में कोई नाविक हताहत हुआ?
एडीएनओसी ने पुष्टि की है कि किसी भी नाविक के घायल होने की सूचना नहीं है। कंपनी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
UNSC प्रस्ताव 2817 क्या है और इसका इस मामले से क्या संबंध है?
UNSC प्रस्ताव 2817 नेविगेशन की स्वतंत्रता की पुष्टि करता है और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालने को अस्वीकार्य ठहराता है। यूएई ने इस प्रस्ताव का हवाला देते हुए ईरान के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
इस घटना का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, इसलिए इस जलमार्ग पर किसी भी व्यवधान का वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। यूएई ने इस हमले को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया है, जो भारत सहित तेल-आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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