नीलगिरि में भारी बारिश और तेज हवाओं की IMD चेतावनी, मछुआरों को 10-12 जुलाई समुद्र से दूर रहने की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 जुलाई 2025 को तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में भारी बारिश और तेज झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की है। दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली एक सक्रिय लो-प्रेशर ट्रफ के प्रभाव से तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।
नीलगिरि में क्यों है अधिक खतरा
IMD के अनुसार, नीलगिरि जैसे पहाड़ी जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना विशेष रूप से अधिक है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान यह जिला पहले से ही भूस्खलन और बारिश से जुड़ी आपदाओं के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। प्रशासन ने उन क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है जहाँ भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव का खतरा अधिक रहता है।
लो-प्रेशर ट्रफ का व्यापक असर
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी घाट से सटे अन्य जिलों में भी 9 जुलाई को मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली यह लो-प्रेशर ट्रफ क्षेत्र में नमी का स्तर बढ़ा रही है, जिससे बादल तेज़ी से बन रहे हैं और बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में उत्तरी और पश्चिमी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी रहेगी, हालाँकि पहाड़ी जिलों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।
चेन्नई में बादल, हल्की बारिश की संभावना
राजधानी चेन्नई में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। शहर के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से कुछ कम रह सकता है, लेकिन हवा में नमी का स्तर अधिक बना रहेगा।
मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी
IMD ने अंडमान सागर में जाने वाले मछुआरों के लिए विशेष समुद्री मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 10 जुलाई से 12 जुलाई के बीच समुद्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मछुआरों को इन तारीखों के दौरान समुद्र में न जाने, मौसम विभाग के ताज़ा बुलेटिन पर नज़र रखने और अपनी समुद्री यात्रा उसी के अनुसार तय करने की सलाह दी गई है।
आगे क्या
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिण भारत के कई हिस्सों में सक्रिय बना रहेगा। नीलगिरि और पश्चिमी घाट के पहाड़ी जिलों में अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बरतना ज़रूरी होगा। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों से अपेक्षा है कि वे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखें।