तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट: नीलगिरि, थेनी और डिंडीगुल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून 2026 (रविवार) को तमिलनाडु के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने विशेष रूप से नीलगिरि, थेनी और डिंडीगुल जिलों के लिए मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। कोयंबटूर जिले के पहाड़ी और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भी इसी तरह के मौसम की संभावना जताई गई है।
मौसम प्रणाली का कारण
मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश के पीछे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव बताया जा रहा है। यह मौसम प्रणाली अभी सक्रिय बनी हुई है और अगले दो दिनों तक इसका असर बना रहने की संभावना है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
किन जिलों पर होगा असर
भारी बारिश की चेतावनी के दायरे में नीलगिरि, थेनी, डिंडीगुल और कोयंबटूर के पहाड़ी क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए स्थानीय निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तरी जिलों — चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई और विल्लुपुरम — में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इन जिलों में व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन रुक-रुककर होने वाली बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
चेन्नई का मौसम पूर्वानुमान
चेन्नई में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश के कारण दिन के तापमान में कुछ कमी आ सकती है, हालाँकि उमस बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास रहने का अनुमान है।
सोमवार को भी जारी रहेगी बारिश
IMD के अनुसार, सोमवार, 29 जून को भी नीलगिरि और कोयंबटूर के पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रह सकती है, क्योंकि मौजूदा चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्से पहले से ही मानसून की बारिश से प्रभावित हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों ने पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों से अपील की है कि वे IMD के आधिकारिक बुलेटिन पर लगातार नज़र रखें। भारी बारिश, तेज हवाओं और स्थानीय स्तर पर संभावित व्यवधानों को देखते हुए पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि नीलगिरि और थेनी जैसे पहाड़ी जिले मानसून के दौरान भूस्खलन के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहते हैं।