तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कोयंबटूर-नीलगिरी में आंधी की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमसी) ने 29 जून 2026 को तमिलनाडु के कोयंबटूर, नीलगिरी, डिंडीगुल और थेनी जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है। यह स्थिति समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी की ऊँचाई पर बने एक वायुमंडलीय चक्रवात (एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन) के कारण उत्पन्न हुई है, जो कर्नाटक से कन्याकुमारी के समुद्री तट तक फैला हुआ है।
मौसम प्रणाली और प्रभावित क्षेत्र
आरएमसी के अनुसार, यह वायुमंडलीय परिसंचरण तमिलनाडु के व्यापक हिस्से में कम दबाव की स्थिति बनाए रखे हुए है। कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा के साथ तेज हवाएँ और बिजली गिरने की संभावना विशेष रूप से अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियाँ बड़े पैमाने पर वर्षा के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।
राज्य के अन्य जिलों में भी बारिश का अनुमान
इस मौसम प्रणाली के असर से तमिलनाडु के कई अन्य जिलों में भी मध्यम वर्षा होने की संभावना है। उत्तरी क्षेत्र में चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर, रानीपेट और वेल्लोर के साथ-साथ तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, पुदुक्कोट्टई, नमक्कल, इरोड, सलेम और मदुरै जिलों में दिन भर छिटपुट बारिश होने का अनुमान है।
चेन्नई में मौसम का हाल
चेन्नई में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन के दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आरएमसी के मुताबिक, मंगलवार को भी कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में वर्षा हल्की से मध्यम रहेगी।
प्रशासन की तैयारी और एहतियाती कदम
मौसम विभाग ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश और तेज हवाओं से स्थानीय स्तर पर दिक्कतें हो सकती हैं। अधिकारियों ने वाहन चालकों से भी भारी वर्षा के दौरान सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि जलभराव और कम दृश्यता की समस्या उत्पन्न हो सकती है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं और स्थानीय प्रशासन को मौसम में हो रहे बदलावों पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी ढलानों के निकट रहने वाले निवासियों को मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी गई है। आगामी दिनों में मौसमी स्थिति पर विभाग की नज़र बनी रहेगी।