कोयंबटूर-नीलगिरि में अगले 3 दिन भारी बारिश, IMD ने तमिलनाडु में 4°C अधिक तापमान की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई 2026 को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि कोयंबटूर और नीलगिरि के पहाड़ी क्षेत्रों में अगले तीन दिनों के दौरान भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है। इसका मुख्य कारण तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र के साथ वायुमंडल के निचले स्तरों पर बना कमज़ोर निम्न दबाव परिसंचरण बताया गया है। साथ ही, विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की भी चेतावनी दी है।
मुख्य मौसमी पूर्वानुमान
IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, मौजूदा वायुमंडलीय प्रणाली के प्रभाव से पश्चिमी घाट क्षेत्र में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। गुरुवार को कोयंबटूर और नीलगिरि के पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी घाट ज़िलों और उत्तरी तटीय क्षेत्रों में एक या दो स्थानों पर मध्यम वर्षा की संभावना है।
गुरुवार और शुक्रवार को कोयंबटूर, तिरुनेलवेली, नीलगिरि, थेनी और कन्याकुमारी ज़िलों के पहाड़ी इलाकों में छिटपुट भारी बारिश के साथ गरज और तेज़ हवाएँ चलने की आशंका जताई गई है।
भूस्खलन और जलभराव का खतरा
IMD ने इन क्षेत्रों के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी वर्षा और तेज़ हवाओं के दौरान संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि पश्चिमी घाट में हालात बिगड़ने पर परिवहन और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति बनी रही थी, और अब रुक-रुक कर होने वाली यह वर्षा कुछ राहत दे सकती है।
तापमान में असामान्य वृद्धि की चेतावनी
बारिश की संभावना के बावजूद, IMD ने स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु और पुडुचेरी में बुधवार और गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहने की आशंका है। विभाग ने जनता को गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है — विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मज़दूरों को।
सरकार और प्रशासन की सलाह
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की बदलती परिस्थितियों पर लगातार नज़र रखें। IMD के अनुसार, मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियाँ रुक-रुक कर वर्षा के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता बनी हुई है और प्रशासन आपदा प्रबंधन के लिए पहले से तैयार है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव के साथ IMD द्वारा अद्यतन बुलेटिन जारी किए जाते रहेंगे।