विमेंस एशिया कप 2026: भारत की जीत के बाद देवजीत सैकिया बोले — 'हम सभी से मिलते हैं, यह सामान्य परंपरा है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 सितंबर 2026 को दुबई में श्रीलंका को फाइनल में हराकर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। हालाँकि, टीम इंडिया ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की — एक कदम जिसने खेल की दुनिया में चर्चा छेड़ दी। इसी बीच मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया और नकवी को साथ बैठे देखा गया, जिस पर सैकिया ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
सैकिया का बयान: 'यह एक सामान्य परंपरा है'
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने नकवी से हुई मुलाकात पर कहा, 'ऐसा नहीं है कि हम किसी से मिलेंगे नहीं। टॉस से लेकर मैच खत्म होने तक मैं बाहर रॉयल बॉक्स की सीटों पर बैठा रहा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे वहाँ पहले से बैठे थे और मैच के दौरान जो भी आया, उनसे मुलाकात हुई।
सैकिया ने आगे कहा, 'मैच के दौरान जो भी आया, मुझसे मिला; कोई मेरे बगल में बैठा, फिर राजीव शुक्ला आए और मेरे साथ बैठे। जिस व्यक्ति (मोहसिन नकवी) का आपने जिक्र किया, वह भी आए और डिप्टी चेयरमैन खालिद साहब के बगल में बैठे। यह एक सामान्य परंपरा है — जब भी कोई आता है, हम सभी से मिलते हैं और बातचीत करते हैं।'
ट्रॉफी विवाद: सुलझाने की कोशिश नाकाम रही
सैकिया ने यह भी स्वीकार किया कि ट्रॉफी विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह कोशिश सफल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा, 'ट्रॉफी विवाद का हमने हल निकालने की कोशिश की थी, लेकिन हमारी कोशिश नाकाम रही। हालाँकि, इसका हमें कोई खेद नहीं है, क्योंकि हमारा मकसद यह नहीं था कि ट्रॉफी कौन देगा — हमारा मकसद मैच को आसानी से जीतना था, और भारतीय टीम ऐसा करने में सफल रही।'
गौरतलब है कि यह विवाद भारत-पाकिस्तान के बीच चले आ रहे क्रिकेट-कूटनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में और अधिक संवेदनशील हो जाता है। मोहसिन नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं, जो इस मुद्दे को महज क्रिकेट-प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनयिक रंग भी देता है।
फाइनल मुकाबला: भारत का दमदार प्रदर्शन
मैदान पर भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन का विशाल स्कोर बनाया।
शेफाली वर्मा ने 39 गेंदों में 68 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना ने भी 39 गेंदों में 59 रन जोड़कर पारी को मजबूत आधार दिया। इस लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम केवल 111 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
गेंदबाजी में श्री चरणी ने 4 विकेट और दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी को ध्वस्त किया। भारत ने यह मुकाबला 72 रनों के बड़े अंतर से जीता।
आम जनता और क्रिकेट जगत पर असर
इस जीत ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की एशिया में बादशाहत एक बार फिर साबित कर दी है। ट्रॉफी विवाद और नकवी के साथ सैकिया की मुलाकात को लेकर उठे सवालों ने यह भी उजागर किया कि खेल और कूटनीति के बीच की रेखा अक्सर धुंधली हो जाती है।
बीसीसीआई का रुख स्पष्ट रहा — भारतीय टीम की जीत ही प्राथमिकता थी, न कि ट्रॉफी समारोह की औपचारिकता। आगे देखना होगा कि क्या ACC के साथ यह संबंध भविष्य के द्विपक्षीय और बहुपक्षीय टूर्नामेंटों को प्रभावित करता है।