14 सितंबर 2026
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नीलगिरी और कोयंबटूर में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी

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नीलगिरी और कोयंबटूर में तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी

सारांश

तमिलनाडु के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने नीलगिरी और कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश से मन्नार की खाड़ी तक फैली ट्रफ इस मौसमी बदलाव की वजह बताई जा रही है। पर्यटकों और वाहन चालकों को घाट सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

मुख्य बातें

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 14 सितंबर 2026 को नीलगिरी और कोयंबटूर के पहाड़ी इलाकों के लिए तीन दिनों का भारी बारिश अलर्ट जारी किया।
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मन्नार की खाड़ी तक फैली ट्रफ मौसम परिवर्तन की वजह बताई गई है।
13 जिलों — तिरुपत्तूर, वेल्लोर, सलेम, इरोड, त्रिची सहित — में सोमवार-मंगलवार को मध्यम बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान।
अंदरूनी इलाकों में तापमान सामान्य से 4°C तक अधिक रहने की चेतावनी।
पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन, जलभराव और मार्ग अवरोध की आशंका; पर्यटकों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह।

तमिलनाडु के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, चेन्नई ने 14 सितंबर 2026 को अगले तीन दिनों के लिए नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी घाट के इन संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम बदलाव की वजह

मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मन्नार की खाड़ी तक फैली एक 'ट्रफ' (हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र) है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से तमिलनाडु के पश्चिमी घाट क्षेत्र में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। यह ट्रफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खींचने में सहायक बन रही है, जिससे पहाड़ी इलाकों पर अधिक असर पड़ेगा।

मुख्य घटनाक्रम और प्रभावित जिले

सोमवार से बुधवार के बीच नीलगिरी और कोयंबटूर जिलों के पहाड़ी भागों में कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, सोमवार और मंगलवार को पश्चिमी घाट के अन्य जिलों में मध्यम बारिश और तेज जमीनी हवाओं की संभावना है।

तिरुपत्तूर, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णगिरि, धर्मपुरी, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर, त्रिची, अरियालुर, पेरम्बलुर और कल्लाकुरिची जिलों में भी इसी प्रकार के मौसम का अनुमान लगाया गया है।

आम जनता पर असर

तेज हवाओं के कारण घाट वाली सड़कों पर यात्रा जोखिमभरी हो सकती है। विजिबिलिटी कम होने और सड़कों के फिसलन भरे होने से वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले स्थानों पर कमजोर इमारतें, पेड़ और खड़ी फसलें नुकसान की आशंका में हैं।

भारी और लगातार बारिश की स्थिति में नीलगिरी और कोयंबटूर की पहाड़ियों पर जलभराव, छोटी-मोटी भूस्खलन की घटनाएं और पहाड़ी मार्गों पर अवरोध की आशंका जताई गई है। अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे इन क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखेंगे।

तापमान और राहत

बारिश के बावजूद तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में दिन का तापमान अधिक रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रह सकता है। अधिक तापमान, उमस और बीच-बीच में बारिश के मेल से मौसम असहज रहेगा, इसलिए लोगों को दोपहर की धूप में अधिक समय न बिताने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

चेन्नई में सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और शाम या रात के समय कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, हालांकि राजधानी में बड़े पैमाने पर भारी वर्षा का अनुमान नहीं है।

क्या होगा आगे

मौसम विभाग ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुरोध किया है कि वे मौसम के ताज़ा अपडेट पर नज़र रखें, विशेष रूप से जब लंबे समय तक भारी बारिश जारी रहे। गौरतलब है कि नीलगिरी जिला मानसून सीजन में भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील रहा है, इसलिए प्रशासनिक सतर्कता इस दौरान और भी जरूरी हो जाती है। अगले कुछ दिनों में मौसम प्रणाली के कमज़ोर होने या बनी रहने के आधार पर अलर्ट में बदलाव किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि स्थानीय प्रशासन अलर्ट जारी होने के बाद जमीनी तैयारी कितनी तेजी से करता है। पर्यटन सीजन के दौरान घाट मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही और अपर्याप्त ड्रेनेज व्यवस्था इन अलर्ट को और गंभीर बना देती है। केवल सलाह जारी करने से नहीं, बल्कि संवेदनशील ढलानों पर पहले से निगरानी दल तैनात करने से ही नुकसान को सीमित किया जा सकता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीलगिरी और कोयंबटूर में भारी बारिश का अलर्ट कब तक है?
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यह अलर्ट 14 सितंबर 2026 (सोमवार) से लेकर अगले तीन दिनों यानी बुधवार तक प्रभावी है। इस दौरान पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना है।
इस बारिश की मौसमी वजह क्या है?
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मन्नार की खाड़ी तक फैली एक 'ट्रफ' यानी हवा के कम दबाव वाले क्षेत्र को इस मौसमी बदलाव की वजह बताया गया है। यह प्रणाली पश्चिमी घाट के इलाकों में नमी और वर्षा की तीव्रता बढ़ा रही है।
तमिलनाडु के कौन-कौन से जिले प्रभावित होंगे?
नीलगिरी और कोयंबटूर के अलावा तिरुपत्तूर, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णगिरि, धर्मपुरी, इरोड, सलेम, नमक्कल, करूर, त्रिची, अरियालुर, पेरम्बलुर और कल्लाकुरिची जिलों में सोमवार-मंगलवार को मध्यम बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है।
पर्यटकों और वाहन चालकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
पहाड़ी और घाट मार्गों पर यात्रा के दौरान विजिबिलिटी कम हो सकती है और सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। पर्यटकों और वाहन चालकों को जोखिम भरे रास्तों से बचने, मौसम के ताज़ा अपडेट पर नज़र रखने और अनावश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
क्या चेन्नई में भी भारी बारिश का खतरा है?
नहीं, चेन्नई में इस दौरान सामान्यतः बादल छाए रहने और शाम या रात को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की ही संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में बड़े पैमाने पर भारी वर्षा का अनुमान फिलहाल नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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