साहिबगंज में गंगा का जलस्तर 4 सेमी घटा, दियारा क्षेत्रों में हजारों लोग अब भी संकट में
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के साहिबगंज जिले में गंगा नदी बाढ़ की स्थिति में 14 सितंबर 2026 को आंशिक राहत मिली है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार शाम गंगा के जलस्तर में करीब 4 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। बावजूद इसके, नदी खतरे के निशान से 1.46 मीटर ऊपर बह रही है और निचले इलाकों तथा दियारा क्षेत्रों में हजारों लोगों की परेशानियाँ जस की तस बनी हुई हैं।
जलस्तर की मौजूदा स्थिति
साहिबगंज में गंगा का जलस्तर हाल ही में 28.71 से 28.72 मीटर तक पहुँच गया था, जबकि खतरे का निशान 27.25 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार यह पिछले चार वर्षों में दर्ज सबसे ऊँचे जलस्तर के निकट बताया जा रहा है। मामूली गिरावट के बाद प्रशासन और स्थानीय निवासियों ने राहत की साँस ली है, हालाँकि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग तस्वीर
शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का असर कुछ कम हुआ है। हबीबपुर की मस्जिद रोड और कुलीपाड़ा-हबीबपुर मुख्य सड़क से पानी निकल चुका है। लेकिन कमल टोला, बायसी स्थान, भरतिया कॉलोनी और अलीनगर जैसे निचले इलाकों में अभी भी जलजमाव बना हुआ है।
ग्रामीण इलाकों की स्थिति अधिक चिंताजनक है। उधवा प्रखंड के कई गाँवों में पानी घटने लगा है, फिर भी कई गाँव टापू बने हुए हैं। बरहरवा प्रखंड के कुछ अंदरूनी रास्तों पर भी पानी का बहाव जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के उत्तरार्ध में नदियों का उफान ग्रामीण झारखंड के लिए हर वर्ष बड़ी चुनौती बन जाता है।
पेयजल संकट और स्वास्थ्य जोखिम
बाढ़ के पानी से कई घरों की बोरिंग दूषित हो गई है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने पीने के स्वच्छ पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। गौरतलब है कि बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है, और दियारा क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएँ पहले से सीमित हैं।
प्रशासन का राहत अभियान
जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित गाँवों का दौरा कर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में जाने की अपील कर रही हैं। जरूरतमंदों तक खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री पहुँचाई जा रही है। साहिबगंज पुलिस ने प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक लंगर की व्यवस्था की है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर राजमहल, राधानगर, गंगा नदी और मुफस्सिल थाना परिसर में पका हुआ भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में जोखिम उठाकर आवागमन न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। राहत एवं बचाव दल सतर्क अवस्था में तैनात हैं।
आगे की संभावनाएँ
जलस्तर में गिरावट की यह प्रक्रिया धीमी है और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर करती है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जब तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर बहती रहेगी, राहत कार्य और निगरानी बिना रुके जारी रहेगी। दियारा क्षेत्रों के बाशिंदों के लिए सामान्य स्थिति लौटने में अभी और समय लग सकता है।