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18वें BRICS शिखर सम्मेलन के यादगार पल: मोदी-पुतिन-जिनपिंग की त्रिशक्ति से लेकर पेजेश्कियन से मुलाकात तक

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18वें BRICS शिखर सम्मेलन के यादगार पल: मोदी-पुतिन-जिनपिंग की त्रिशक्ति से लेकर पेजेश्कियन से मुलाकात तक

सारांश

भारत मंडपम में मोदी-पुतिन-जिनपिंग का हाथ मिलाना महज एक तस्वीर नहीं थी — यह तीन महाशक्तियों के एक मंच पर खड़े होने का संदेश था। 18वें BRICS सम्मेलन के ये यादगार पल भारत की बहुध्रुवीय कूटनीति की झलक हैं।

मुख्य बातें

18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत की अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी , राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ हाथ मिलाती तस्वीर वैश्विक चर्चा का विषय बनी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ मोदी की मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों की मजबूती को रेखांकित किया।
सम्मेलन में भव्य रंगोली और भारतीय कलाकृतियों की प्रदर्शनी के ज़रिए भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच मिला।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' को साझा विजन की नई दिशा बताया और अगले मेज़बान चीन को शुभकामनाएँ दीं।
सम्मेलन की थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता' रही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता' की थीम पर केंद्रित इस सम्मेलन ने न केवल वैश्विक कूटनीतिक सुर्खियाँ बटोरीं, बल्कि मंच के इतर नेताओं के बीच हुई अनौपचारिक मुलाकातों के कई यादगार पल भी कैमरे में कैद हुए।

तीन महाशक्तियों का ऐतिहासिक क्षण

सम्मेलन का सबसे चर्चित दृश्य वह रहा जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हाथ थामा और दूसरी ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का — तीनों के चेहरों पर एक साथ छाई मुस्कान ने इस पल को अविस्मरणीय बना दिया। भारत, रूस और चीन — तीन परमाणु-संपन्न, वैश्विक प्रभाव वाले देशों के नेताओं का यह एकजुट दृश्य पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना।

यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है और भारत की 'बहुध्रुवीय विश्व' की नीति को एक ठोस दृश्य संदेश मिला। गौरतलब है कि भारत ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पश्चिमी गठबंधन और पूर्वी शक्तियों के बीच एक संतुलित भूमिका निभाई।

पौधरोपण और भारत-रूस मित्रता की झलक

भारत मंडपम के बाहर आयोजित सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान एक और यादगार पल सामने आया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दाईं ओर खड़े राष्ट्रपति पुतिन का हाथ थामकर उन्हें अपने निकट खींचा — एक संकेत जिसे कूटनीतिक पर्यवेक्षकों ने भारत-रूस संबंधों की गहराई के प्रतीक के रूप में देखा। इस समूह तस्वीर में सभी BRICS नेता शामिल हुए।

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन से मुलाकात

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरें भी व्यापक रूप से चर्चित रहीं। मोदी को पेजेश्कियन का हाथ थामे देखा गया — एक ऐसे क्षण में जब ईरान कथित तौर पर क्षेत्रीय संघर्ष में उलझा हुआ है। यह मुलाकात इस मायने में महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत और ईरान के बीच व्यापारिक और ऐतिहासिक संबंध दीर्घकालीन रहे हैं।

भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की प्रदर्शनी

सम्मेलन स्थल पर भव्य रंगोली और भारतीय कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत अन्य नेताओं को इन सांस्कृतिक धरोहरों की झलकियाँ दिखाते हुए देखा गया — भारत की 'सॉफ्ट पावर' का एक सशक्त प्रदर्शन।

फैमिली फोटो और समापन संदेश

सम्मेलन के दौरान आयोजित आधिकारिक 'फैमिली फोटो' सत्र में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई अन्य वैश्विक नेता शामिल हुए।

समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'BRICS' सिर्फ देशों का समूह नहीं बल्कि 'समाधान का इकोसिस्टम' है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' साझा विजन को नई दिशा देगा। साथ ही मोदी ने BRICS के अगले मेज़बान के रूप में चीन को शुभकामनाएँ दीं।

यह सम्मेलन भारत की बहुपक्षीय कूटनीति की दिशा तय करने वाला मील का पत्थर साबित हो सकता है — आगे की परीक्षा यह होगी कि 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' ज़मीन पर कितना असर दिखाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी समय भारत ने पुतिन को दिल्ली में सम्मान के साथ आमंत्रित किया। ईरान के पेजेश्कियन से हाथ मिलाना भी उसी संतुलन की कड़ी है। असली प्रश्न यह है कि 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' से BRICS का विस्तार और वैश्विक शासन में उसकी भूमिका कितनी ठोस होती है — या यह भी पिछले शिखर सम्मेलनों की तरह घोषणाओं तक सीमित रह जाती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन कब और कहाँ आयोजित हुआ?
18वाँ BRICS शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुआ। इस बार सम्मेलन की अध्यक्षता भारत ने की और थीम 'लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता' रखी गई।
मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर इतनी चर्चित क्यों हुई?
इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी ने एक हाथ से रूस के राष्ट्रपति पुतिन और दूसरे हाथ से चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग का हाथ थामा हुआ था — तीनों के चेहरों पर मुस्कान थी। भारत, रूस और चीन तीनों वैश्विक महाशक्तियों का एक मंच पर इस प्रकार एकजुट दिखना भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया।
BRICS सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भूमिका क्या रही?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सम्मेलन में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात की तस्वीरें व्यापक रूप से प्रसारित हुईं। कथित तौर पर ईरान के क्षेत्रीय संघर्ष में उलझे होने के बावजूद, भारत के साथ उसके पुराने व्यापारिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को इस मुलाकात ने रेखांकित किया।
'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' क्या है?
'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आधिकारिक संयुक्त दस्तावेज़ है। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह घोषणापत्र BRICS सदस्य देशों के साझा विजन को नई दिशा प्रदान करेगा।
अगला BRICS शिखर सम्मेलन कहाँ होगा?
18वें BRICS शिखर सम्मेलन की समाप्ति पर प्रधानमंत्री मोदी ने अगले मेज़बान देश के रूप में चीन को शुभकामनाएँ दीं। इसका अर्थ है कि अगला BRICS सम्मेलन चीन की अध्यक्षता में आयोजित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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