हैदराबाद: नाबालिग लड़की के साथ 9 आरोपियों ने किया यौन शोषण, पॉक्सो एक्ट में सभी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के मेडचल-मलकजगिरी जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया गया और तीन दिनों तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि नौ आरोपियों को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। पीड़िता के आरोपियों के चंगुल से भागने और अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह कार्रवाई हुई।
घटना का पूरा क्रम
पुलिस के अनुसार, पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह 10वीं कक्षा में पढ़ते समय आरोपी जे. वरुण के संपर्क में आई थी। आरोपी ने उसे नशीली दवा मिली चॉकलेट खिलाकर अपनी कार में उसका यौन शोषण किया। एक अन्य आरोपी रोमाला वरुण ने उसे सिगरेट, शराब और गांजे का आदी बनाकर शोषण किया।
पुलिस की जांच के अनुसार, पीड़िता पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी डेविड वरुण के संपर्क में आई थी, जिसने भी उसे शराब पिलाकर उसके साथ बदसलूकी की।
9 सितंबर की रात: बंधक और पलायन
9 सितंबर को पीड़िता के पिता ने उसके बदले व्यवहार पर संदेह जताते हुए उसे डांटा। इससे नाराज होकर लड़की घर से निकल गई और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुँची, जहाँ उसे नीरज नामक व्यक्ति मिला। नीरज ने अपने दोस्त विक्की को बुलाया और दोनों ने मिलकर पीड़िता को नशीली चीजें देकर उसका यौन शोषण किया।
इसके बाद विक्की अपने दोस्त निखिल के साथ पीड़िता को डुलापल्ली के एक कमरे में ले गया, जहाँ दो अन्य लोगों के साथ मिलकर शोषण जारी रखा गया। उसी रात विक्की उसे बोलारम स्थित अपने घर ले आया और वहाँ बंधक बनाकर रखा।
ट्रेन में शोषण और आखिरकार मुक्ति
अगले दिन किसी तरह भागकर पीड़िता पुनः बोलारम रेलवे स्टेशन पहुँची। वहाँ विक्की और उसके दोस्त गणेश ने उसे जबरदस्ती नशीली दवा देकर मेडचल रेलवे स्टेशन और फिर मलकजगिरी ले जाया गया। इस दौरान ट्रेन में भी उसका यौन शोषण किया गया। मलकजगिरी पहुँचने पर ऑटो-रिक्शा में बैठे-बैठे वह भागने में सफल रही और अपने घर लौटी, जहाँ परिवार की मदद से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस की कार्रवाई और होटल प्रबंधन पर शिकंजा
मलकजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक ओयो होटल के मैनेजर और मालिक को भी गिरफ्तार किया, क्योंकि उन्होंने बिना उचित सत्यापन के नाबालिग को कमरा आवंटित किया था।
शोषण की घटनाएँ कार, ट्रेन और होटल के कमरे — अलग-अलग स्थानों पर हुईं, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आगे की जांच
पुलिस इस मामले में आरोपियों के आपसी नेटवर्क और घटनाओं के पूरे सिलसिले की जांच कर रही है। होटल मालिक की गिरफ्तारी यह भी स्पष्ट संकेत है कि अधिकारी इस मामले में व्यापक जवाबदेही तय करने की ओर अग्रसर हैं। पीड़िता को चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है।