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हैदराबाद: नाबालिग लड़की के साथ 9 आरोपियों ने किया यौन शोषण, पॉक्सो एक्ट में सभी गिरफ्तार

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हैदराबाद: नाबालिग लड़की के साथ 9 आरोपियों ने किया यौन शोषण, पॉक्सो एक्ट में सभी गिरफ्तार

सारांश

हैदराबाद के मेडचल-मलकजगिरी जिले में 16 वर्षीय छात्रा के साथ नौ लोगों ने तीन दिन तक नशा देकर यौन शोषण किया। पीड़िता के भागकर पुलिस से संपर्क करने के बाद सभी आरोपी पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार; ओयो होटल मालिक और मैनेजर भी हिरासत में।

मुख्य बातें

हैदराबाद के मेडचल-मलकजगिरी जिले में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ 9 आरोपियों ने तीन दिनों तक यौन शोषण किया।
पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया गया; शोषण कार, ट्रेन और होटल के कमरे में हुआ।
पीड़िता के भागकर अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सभी आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज।
ओयो होटल के मालिक और मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया — बिना सत्यापन के नाबालिग को कमरा देने के आरोप में।
पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

हैदराबाद के मेडचल-मलकजगिरी जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया गया और तीन दिनों तक उसका यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि नौ आरोपियों को प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। पीड़िता के आरोपियों के चंगुल से भागने और अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद यह कार्रवाई हुई।

घटना का पूरा क्रम

पुलिस के अनुसार, पीड़िता 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह 10वीं कक्षा में पढ़ते समय आरोपी जे. वरुण के संपर्क में आई थी। आरोपी ने उसे नशीली दवा मिली चॉकलेट खिलाकर अपनी कार में उसका यौन शोषण किया। एक अन्य आरोपी रोमाला वरुण ने उसे सिगरेट, शराब और गांजे का आदी बनाकर शोषण किया।

पुलिस की जांच के अनुसार, पीड़िता पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी डेविड वरुण के संपर्क में आई थी, जिसने भी उसे शराब पिलाकर उसके साथ बदसलूकी की।

9 सितंबर की रात: बंधक और पलायन

9 सितंबर को पीड़िता के पिता ने उसके बदले व्यवहार पर संदेह जताते हुए उसे डांटा। इससे नाराज होकर लड़की घर से निकल गई और बोलारम रेलवे स्टेशन पहुँची, जहाँ उसे नीरज नामक व्यक्ति मिला। नीरज ने अपने दोस्त विक्की को बुलाया और दोनों ने मिलकर पीड़िता को नशीली चीजें देकर उसका यौन शोषण किया।

इसके बाद विक्की अपने दोस्त निखिल के साथ पीड़िता को डुलापल्ली के एक कमरे में ले गया, जहाँ दो अन्य लोगों के साथ मिलकर शोषण जारी रखा गया। उसी रात विक्की उसे बोलारम स्थित अपने घर ले आया और वहाँ बंधक बनाकर रखा।

ट्रेन में शोषण और आखिरकार मुक्ति

अगले दिन किसी तरह भागकर पीड़िता पुनः बोलारम रेलवे स्टेशन पहुँची। वहाँ विक्की और उसके दोस्त गणेश ने उसे जबरदस्ती नशीली दवा देकर मेडचल रेलवे स्टेशन और फिर मलकजगिरी ले जाया गया। इस दौरान ट्रेन में भी उसका यौन शोषण किया गया। मलकजगिरी पहुँचने पर ऑटो-रिक्शा में बैठे-बैठे वह भागने में सफल रही और अपने घर लौटी, जहाँ परिवार की मदद से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस की कार्रवाई और होटल प्रबंधन पर शिकंजा

मलकजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक ओयो होटल के मैनेजर और मालिक को भी गिरफ्तार किया, क्योंकि उन्होंने बिना उचित सत्यापन के नाबालिग को कमरा आवंटित किया था।

शोषण की घटनाएँ कार, ट्रेन और होटल के कमरे — अलग-अलग स्थानों पर हुईं, जो इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

आगे की जांच

पुलिस इस मामले में आरोपियों के आपसी नेटवर्क और घटनाओं के पूरे सिलसिले की जांच कर रही है। होटल मालिक की गिरफ्तारी यह भी स्पष्ट संकेत है कि अधिकारी इस मामले में व्यापक जवाबदेही तय करने की ओर अग्रसर हैं। पीड़िता को चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह भी है कि किशोरी के सोशल मीडिया संपर्क से शुरू हुई यह शोषण की शृंखला इतनी लंबी क्यों चली। पीड़िता के साहस — भागने और शिकायत दर्ज कराने — के बिना यह मामला शायद कभी सामने न आता, जो बाल सुरक्षा तंत्र की सक्रियता पर गहरे सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैदराबाद नाबालिग यौन शोषण मामले में क्या हुआ?
हैदराबाद के मेडचल-मलकजगिरी जिले में 9 आरोपियों ने एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा को नशीला पदार्थ देकर अगवा किया और तीन दिनों तक कार, ट्रेन और होटल में उसका यौन शोषण किया। पीड़िता के भागकर अलवाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद सभी नौ आरोपी गिरफ्तार हो गए।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया — नौ मुख्य आरोपी और एक ओयो होटल के मालिक व मैनेजर। होटल मालिक और मैनेजर पर बिना उचित सत्यापन के नाबालिग को कमरा आवंटित करने का आरोप है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
सभी आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़िता आरोपियों के चंगुल से कैसे बची?
पीड़िता मलकजगिरी में एक ऑटो-रिक्शा में सवार होते समय भागने में सफल रही और अपने घर पहुँची। परिवारवालों की मदद से उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
इस मामले में होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी क्यों तय की गई?
ओयो होटल के मालिक और मैनेजर ने बिना उचित पहचान जाँच के नाबालिग को कमरा आवंटित किया, जो कानूनन अपराध है। पुलिस ने इसी आधार पर उन्हें भी गिरफ्तार किया और उन पर मामला दर्ज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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