मोहम्मद शमी के भाई कैफ और हसीब पर लखनऊ में FIR, महिला ने लगाए शादी के झांसे और धमकी के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के दो भाइयों — मोहम्मद कैफ और मोहम्मद हसीब — के खिलाफ 14 सितंबर 2026 को लखनऊ के आशियाना पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक तलाकशुदा महिला ने कैफ पर शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने और हसीब पर जान से मारने की धमकी देने के कथित आरोप लगाए हैं। लखनऊ पुलिस फिलहाल मामले की जाँच में जुटी है।
मुकदमे की पृष्ठभूमि
एफआईआर के अनुसार, महिला की मोहम्मद कैफ से पहली मुलाकात 2020 में एक साझा परिचित के ज़रिये हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच मेलजोल बढ़ता गया और अगस्त 2023 में कैफ ने महिला को शादी का प्रस्ताव दिया। महिला ने कहा कि उसने पहले ही कैफ को बताया था कि वह तलाकशुदा है और उसका एक बेटा है, जिस पर कैफ ने कथित तौर पर कहा कि उसे उसके अतीत या बेटे से कोई आपत्ति नहीं।
शिकायत में कहा गया है कि शादी का भरोसा दिलाए जाने के बाद कैफ ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी महिला शादी की बात उठाती, कैफ कथित तौर पर कुरान की कसम खाकर 'उचित समय पर' विवाह का आश्वासन देते थे।
आईपीएल नीलामी और पॉडकास्ट का ज़िक्र
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि कैफ ने आईपीएल 2025 की नीलामी के बाद निश्चित रूप से शादी करने का वादा किया था। हालाँकि, दिसंबर में विवाह नहीं हुआ। एफआईआर के अनुसार, जब महिला ने एक पॉडकास्ट के ज़रिये मामला उठाया, तो कैफ ने उसे रोकने के लिए फिर से शादी का वादा किया और बाद में शारीरिक संबंध भी बनाए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कैफ ने उसे उसकी नौकरी छुड़वा दी।
धमकी के आरोप
शिकायत के मुताबिक, जब महिला ने संतोषजनक जवाब न मिलने पर मोहम्मद हसीब से संपर्क किया, तो कथित तौर पर हसीब ने एक व्यक्ति बदरुद्दीन के माध्यम से महिला को अमरोहा बुलाया, जहाँ उसे डराया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
कानूनी कार्रवाई
लखनऊ पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351 (आपराधिक धमकी) और धारा 69 (शादी का वादा कर संबंध बनाना) के तहत मोहम्मद कैफ और मोहम्मद हसीब के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने पुष्टि की है कि आगे की जाँच जारी है। क्रिकेटर मोहम्मद शमी का इस मामले में कोई उल्लेख नहीं है और वे आरोपी नहीं हैं।
आगे क्या होगा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब BNS की धारा 69 — जो विवाह के झूठे वादे पर यौन संबंध को अपराध की श्रेणी में रखती है — की कानूनी व्याख्या अदालतों में सक्रिय रूप से परखी जा रही है। जाँच के परिणाम और संभावित गिरफ्तारी पर सभी की नज़रें टिकी हैं।