क्या नोएडा में एक महिला का जबरन धर्मांतरण कर निकाह किया गया?

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क्या नोएडा में एक महिला का जबरन धर्मांतरण कर निकाह किया गया?

सारांश

नोएडा में एक विवाहित महिला के जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह की कहानी, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। जानिए इस मामले में हाईकोर्ट का क्या फैसला रहा और पुलिस ने कैसे महिला को बचाया।

मुख्य बातें

महिला का जबरन धर्म परिवर्तन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हाईकोर्ट की भूमिका पुलिस की कार्रवाई महिलाओं के अधिकारों की रक्षा

नोएडा, ९ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर के फेज-३ थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ गढ़ी चौखंडी की एक विवाहित महिला को प्रेमजाल में फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह किया गया। इस मामले में महिला की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला को तमिलनाडु के चेन्नई से सुरक्षित निकाला और मुख्य आरोपी समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

महिला की मां ने याचिका में बताया कि ३ अगस्त को राजा मियां उर्फ एहसान हुसैन और उसका साथी जहीर बाबू उनकी बेटी को घर से ले गए थे। उन्होंने आशंका जताई कि उनकी बेटी को बंधक बनाकर उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद निर्देश दिया कि महिला को बरामद कर ८ सितंबर को अदालत में पेश किया जाए। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से महिला को चेन्नई से बरामद किया।

जांच में यह सामने आया कि बिहार के सीवान निवासी राजा मियां ने धोखे और धमकी के बल पर महिला का धर्म परिवर्तन कराया और उसका नाम बदलकर 'खुशबू खातून' रखा।

इसके बाद आरोपी ने १ मई को गाजियाबाद के बहरामपुर गांव में निकाह कर लिया।

पुलिस की जांच में यह भी पाया गया कि निकाहनामा तैयार करते समय आरोपी और उसके परिवार ने महिला के पिता का नाम फर्जी लिखा। आरोपी की मां अनीशा बेगम को महिला की फूफी और भाई इरशाद को महिला का सगा भाई बताकर काजी से निकाह कराया गया। इस मामले में काजी मोहम्मद अजीमुद्दीन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।

पुलिस ने मुख्य आरोपी राजा मियां, उसके पिता बिस्मिल्ला मियां और मां अनीशा बेगम को गाजियाबाद के बहरामपुर से गिरफ्तार किया। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, इरशाद और काजी मोहम्मद अजीमुद्दीन की तलाश जारी है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी राजा मियां और महिला की पहचान एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी। पहले भी महिला ने राजा मियां पर उत्पीड़न और अत्याचार का आरोप लगाया था। उस समय कोर्ट ने आरोपी को महिला के वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप न करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद आरोपी ने महिला को दोबारा अपने जाल में फंसाकर धर्मांतरण और निकाह कर लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या महिला की मां ने हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
महिला की मां ने आशंका जताई थी कि उनकी बेटी को बंधक बनाकर उसके साथ अनहोनी हो सकती है, इसलिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
पुलिस ने महिला को कब बरामद किया?
पुलिस ने महिला को ८ सितंबर को बरामद किया और उसे कोर्ट में पेश किया।
क्या महिला ने पहले भी राजा मियां पर आरोप लगाए थे?
हाँ, महिला ने पहले भी राजा मियां पर उत्पीड़न और अत्याचार का आरोप लगाया था।
पुलिस ने आरोपियों को कहाँ गिरफ्तार किया?
पुलिस ने आरोपियों को गाजियाबाद के बहरामपुर से गिरफ्तार किया।
राष्ट्र प्रेस
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