फिलीपींस के BARMM चुनाव से पहले कोटाबाटो सिटी में गोलीबारी, 3 की मौत, 15 घायल
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिणी फिलीपींस के कोटाबाटो सिटी में रविवार, 14 सितंबर 2026 की रात एक मतदान केंद्र के बाहर भड़की गोलीबारी में तीन लोगों की जान चली गई और 15 अन्य घायल हो गए। यह हिंसा बांगसमोरो ऑटोनॉमस रीजन इन मुस्लिम मिंडानाओ (BARMM) के ऐतिहासिक संसदीय चुनाव से महज कुछ घंटे पहले हुई — एक ऐसा मतदान जिसे मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में दशकों के संघर्ष के बाद स्वशासन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा था।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
स्थानीय पुलिस के अनुसार, आधी रात से कुछ पहले मतदान केंद्र के बाहर लगी कतार में प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक गुटों के बीच अपनी जगह को लेकर विवाद हो गया। पहले धक्का-मुक्की हुई, फिर मारपीट में तब्दील हो गई और अंततः भीड़भाड़ वाले इलाके में गोलियाँ चलने लगीं। हमलावरों की पहचान और उनकी राजनीतिक संबद्धता की पुलिस जाँच जारी है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे BARMM क्षेत्र में 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी सतर्क अवस्था में रखे गए थे। बावजूद इसके, चुनाव-पूर्व रात की यह हिंसा सुरक्षा तंत्र की सीमाओं को उजागर करती है।
BARMM का ऐतिहासिक पहला संसदीय चुनाव
सोमवार, 15 सितंबर 2026 को BARMM में पहली बार एक निर्वाचित संसद के लिए मतदान शुरू हुआ। 13 राजनीतिक दलों के उम्मीदवार 80 संसदीय सीटों के लिए मैदान में हैं और लगभग 24 लाख पंजीकृत मतदाता वोट देने के पात्र हैं।
गौरतलब है कि यह स्वायत्तता व्यवस्था उस दशकों लंबे सशस्त्र संघर्ष के समाधान के रूप में बनाई गई थी, जिसमें 1,20,000 से अधिक लोग मारे गए थे और करीब 20 लाख लोग विस्थापित हुए थे। 2014 में मनीला सरकार और मुस्लिम अलगाववादी समूहों के बीच हुए शांति समझौते के तहत इस क्षेत्रीय स्वायत्तता की नींव रखी गई थी।
राष्ट्रपति मार्कोस की अपील
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने एक वीडियो संदेश में मतदाताओं से चुनाव में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने इस चुनाव को BARMM की 'स्थायी शांति, लोकतांत्रिक शासन और वास्तविक आत्मनिर्णय' की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
मार्कोस ने इसे 'ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण' करार देते हुए कहा कि यह मतदान केवल एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे फिलीपींस का मामला है।
अंतरराष्ट्रीय निगरानी और शांति प्रक्रिया की परीक्षा
अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और शांति निगरानी संगठनों के अनुसार, यह चुनाव इस बात की बड़ी परीक्षा है कि 2014 के शांति समझौते के तहत स्थापित क्षेत्रीय स्वायत्तता लोकतांत्रिक संस्थाओं के ज़रिए दीर्घकाल तक टिकाऊ साबित हो सकती है या नहीं। चुनाव-पूर्व रात की हिंसा इन्हीं आशंकाओं को बल देती है।
यह BARMM के लिए निर्णायक मोड़ है — यदि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न होता है तो यह क्षेत्र के लोकतांत्रिक भविष्य का मज़बूत संकेत होगा; यदि हिंसा और भड़कती है, तो दशकों की शांति-निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं।