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क्या मुकद्दर से टिकट मिला और सांसद बने मोहिबुल्लाह नदवी? : आजम खान

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क्या मुकद्दर से टिकट मिला और सांसद बने मोहिबुल्लाह नदवी? : आजम खान

सारांश

रामपुर के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी पर लगे आरोपों पर आजम खान ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी मामला है और टिकट मिलना उनके नसीब की बात है। जानिए इस दिलचस्प कहानी के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्ति हैं।
उनके मामले में निजी जीवन और सार्वजनिक छवि का टकराव है।
उन्होंने लगातार 13-14 बार चुनाव जीतकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
उनकी लोकप्रियता उनके कार्य और लोगों के साथ जुड़ाव के कारण है।
आजम खान का बयान मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

रामपुर, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी पर लगे आरोपों को लेकर वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि यह उनका निजी मामला है, मैं इस पर क्या कह सकता हूं। जहां तक बात उनके टिकट की है, तो यह उनका मुकद्दर था, टिकट मिला, जीते और सांसद बने।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि एक से गुजारा नहीं हो पाता और एक की शिकायतें भी बर्दाश्त नहीं होतीं, लेकिन नसीब अपना-अपना होता है। एक साहब की कहानी सुनाते हुए उन्होंने कहा कि नई-नई दोस्ती में पुराने दोस्त ने पूछा कि क्या आपकी शादी हो गई? पुराने ने कहा कि हां, यह मेरी सैंतालीसवीं बीवी है। नए दोस्त ने हैरानी से कहा कि लेकिन शरीअत में तो चार से ज्यादा की इजाजत नहीं है। उन्होंने मुस्कुराकर कहा कि निकाह के तीन दिन बाद बीवी मर जाती है, तो मैं फिर शादी कर लेता हूं। फिर उन्होंने सवाल करने वाले से पूछा कि और आपकी। उन्होंने कहा कि हमारा तो ऐसा नसीब नहीं है। कोई एक से परेशान है, किसी के लिए माशाल्लाह इतने लोग इंतजार कर रहे हैं। उनकी चाहने वालों की तादाद भी कम नहीं है, उनकी लोकप्रियता भी है और उनकी मिसाल भी दी जाती है। वह उनकी जिंदगी है, उनका तरीका, इसमें आपको या मुझे क्या एतराज हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इसमें व्यक्ति की क्या गलती थी? चार की इजाजत है। एक खातून ने मुकदमा किया है, वह न करती तो ज्यादा बेहतर होता। यह निजी मामला है। इस पर हम क्या टिप्पणी करें? मुकद्दर से टिकट मिला, और सांसद बने।

एक दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बाज उड़ाया जाता था, लोग जमा होते थे, शाही बाज होता था, यह सिस्टम था। दुनिया में बाज जिसके सिर पर बैठ जाता, वह बादशाह हो जाता था। कोई भी हो सकता था।

उन्होंने बताया कि मुझे यूपी में सबसे ज्यादा पेंशन मिलती है। मुझे और मेरी पत्नी को पेंशन मिलती है। अब तक देश में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं बना है कि कोई व्यक्ति एक ही संसदीय क्षेत्र से लगातार 13-14 बार चुना गया हो। लोग संसदीय क्षेत्र बदलकर 8 बार पहुंचे हैं, लेकिन एक ही संसदीय क्षेत्र से लगातार चुना जाना रिकॉर्ड है। मेरा वोट हर बार बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि हाइवे पर खड़े हो जाऊं तो रास्ता रुक जाएगा। मोहब्बत है। लोगों का प्यार। यह लगाव क्यों पैदा हुआ? हमारी तो शक्ल-सूरत भी अच्छी नहीं थी। कुछ तो मैंने किया होगा जो मोहब्बत होती थी। हां, ऐसा भी नहीं है कि मेरे वोट घटे हों। हर बार मुझे पहले से ज्यादा वोट मिले हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी का मामला राजनीति में व्यक्तिगत जीवन और सार्वजनिक छवि के बीच की खाई को दर्शाता है। हमें यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति का नसीब उसके कार्यों के अनुसार होता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी कौन हैं?
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी समाजवादी पार्टी के सांसद हैं, जो रामपुर से चुने गए हैं।
आज़म खान ने उनके मामले पर क्या कहा?
आजम खान ने कहा कि यह नदवी का निजी मामला है और टिकट मिलना उनका नसीब था।
क्या राजनीति में व्यक्तिगत मामले को महत्व दिया जाना चाहिए?
राजनीति में व्यक्तिगत मामले कभी-कभी सार्वजनिक छवि पर असर डाल सकते हैं, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि हर व्यक्ति का नसीब अलग होता है।
नदवी की लोकप्रियता का कारण क्या है?
उनकी लोकप्रियता का कारण उनके काम और लोगों के साथ उनका जुड़ाव है।
क्या नदवी ने कोई रिकॉर्ड बनाया है?
हाँ, उन्होंने एक ही संसदीय क्षेत्र से लगातार 13-14 बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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