तमिलनाडु: पश्चिमी घाट जिलों में 7 दिन मध्यम बारिश, नीलगिरि-कोयंबटूर में भारी वर्षा का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे जिलों में अगले सात दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। साथ ही, नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी जिलों के कुछ हिस्सों में इस सप्ताहांत भारी वर्षा की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम प्रणाली और कारण
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र के ऊपर निचले वायुमंडलीय स्तरों में एक कमज़ोर द्रोणिका (ट्रफ) सक्रिय है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव में 29 जुलाई से पश्चिमी घाट के ज़िलों में बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
ज़िलेवार अलर्ट और पूर्वानुमान
30 जुलाई को नीलगिरि जिले के कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 31 जुलाई और 1 अगस्त को कोयंबटूर, नीलगिरि और थेनी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
तापमान और उमस की स्थिति
IMD के अनुसार, 29 और 30 जुलाई को तमिलनाडु और पुडुचेरी में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। राज्य के मैदानी और तटीय जिलों में गर्म व उमस भरी परिस्थितियाँ बनी रहेंगी।
चेन्नई में आंशिक बादल और छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन कोई व्यापक वर्षा नहीं होगी। राजधानी में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने का अनुमान है।
स्वास्थ्य सलाह और सावधानियाँ
मौसम विभाग ने लोगों को हीट स्ट्रेस (गर्मी से होने वाली परेशानी) से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय धूप में लंबे समय तक न रहने की सलाह दी है। पहाड़ी जिलों के निवासियों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों पर लगातार नज़र रखने की विशेष हिदायत दी गई है, क्योंकि आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता बदल सकती है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत के कई हिस्से मानसून की असमान वितरण से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि पश्चिमी घाट के पहाड़ी जिलों में अचानक भारी बारिश से भूस्खलन और नदियों में उफान का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए निवासियों को सतर्क रहने की ज़रूरत है।