तमिलनाडु के पश्चिमी घाट जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, नीलगिरी-थेनी में अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज़ी से सक्रिय होने के बीच क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 7 जून को पश्चिमी घाट के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नीलगिरी, थेनी, दिंडीगुल और कोयंबटूर के घाट क्षेत्रों में सबसे तीव्र वर्षा का अनुमान है, साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने की भी आशंका है।
मुख्य घटनाक्रम
आरएमसी के अनुसार, मानसून की अनुकूल परिस्थितियाँ तेज़ी से बन रही हैं, जिससे पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और वर्षा की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस बीच, दक्षिणी तमिलनाडु में वर्षा पहले से तेज़ हो चुकी है। तिरुनेलवेली जिले के नालुमुक्कू में पिछले 24 घंटों में राज्य में सर्वाधिक 17 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। कन्याकुमारी जिले के मायलर में 9 सेंटीमीटर बारिश हुई, जो इस क्षेत्र पर मानसून के मज़बूत होते प्रभाव को दर्शाती है।
प्रभावित जिलों की सूची
भारी बारिश की चेतावनी वाले प्रमुख जिलों के अलावा, आरएमसी ने इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुप्पुर, मदुरै, विरुधुनगर और कन्याकुमारी जिलों में भी गरज-चमक के साथ भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। तेनकासी और तिरुनेलवेली के घाट क्षेत्रों में भी ऐसी ही स्थिति रहने की आशंका है।
उत्तरी तटीय क्षेत्र में मौसम की स्थिति खराब बनी रहने की संभावना है। उच्च तापमान और आर्द्रता के कारण कई तटीय जिलों में उमस भरी परिस्थितियाँ रहेंगी।
चेन्नई में गर्मी और उमस का संयोग
चेन्नई में शनिवार को भीषण गर्मी जारी रही और राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मानसून की दस्तक के बावजूद गर्मी और उमस का यह संयोजन तटीय इलाकों में असुविधा बनाए रखने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के दक्षिणी हिस्सों में मानसून पहले ही सक्रिय हो चुका है।
आम जनता पर असर
मौसम विभाग के अनुसार, संवेदनशील पहाड़ी और निचले इलाकों में स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन की आशंका है। अधिकारियों ने पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज़ हवाओं और बिजली गिरने से राज्य के कई हिस्सों में सामान्य गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
क्या होगा आगे
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मज़बूत होते मानसून से पश्चिमी घाट क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे हाल की गर्मी और शुष्क मौसम से राहत मिलेगी। हालाँकि, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव के जोखिम को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने की ज़रूरत होगी। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के साथ बारिश की तीव्रता और दायरा बढ़ने की उम्मीद है।